UP शिक्षक आंदोलन: ‘TET अनिवार्यता’ के खिलाफ शिक्षकों ने खोला मोर्चा, कई जिलों में निकलेगा ‘मशाल जुलूस’

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संगठनों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरुद्ध एक निर्णायक लड़ाई का ऐलान कर दिया है। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के नेतृत्व में प्रदेश भर के शिक्षक आज, शनिवार से अपना विरोध प्रदर्शन तेज करने जा रहे हैं। शिक्षकों की मुख्य मांग शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को इस परीक्षा से छूट दिलाने की है।

आंदोलन का पूरा कार्यक्रम (मशाल

शिक्षकों ने विरोध दर्ज कराने के लिए ‘मशाल जुलूस’ का रास्ता चुना है, जो चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा।

प्रारंभ: 07 मार्च 2026 (शनिवार), शाम 5:30 बजे से।

प्रथम चरण: आज बरेली समेत पांच प्रमुख जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

विस्तार: यह विरोध प्रदर्शन 15 मार्च तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में निरंतर जारी रहेगा।

मुख्य मांगें और शिक्षकों का पक्ष

यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक आरटीई एक्ट लागू होने से पहले से सेवा में हैं, उन पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना अनुचित है। सरकार से अपील की गई है कि अनुभवी शिक्षकों को इस पात्रता परीक्षा से मुक्त रखा जाए। यदि 15 मार्च तक सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है, तो आंदोलन के अगले और अधिक उग्र चरण की घोषणा की जाएगी।

दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की तैयारी

यह मामला अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा। आज यानी 7 मार्च को दिल्ली में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में देशभर के शिक्षकों को एकजुट कर दिल्ली में एक विशाल रैली आयोजित करने की तिथि पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

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