यूपी: उन्नाव जेल अधीक्षक ही हो गए साइबर ठगी के शिकार, बेटी के MBBS एडमिशन के नाम पर 50 लाख की चपत
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे कानून के रखवालों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताज़ा मामला उन्नाव का है, जहाँ जिला कारागार के जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह से ठगों ने बेटी को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली।
MBBS सीट का झांसा और लाखों की चपत
जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह अपनी बेटी का एडमिशन नीट (NEET) काउंसलिंग के जरिए किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में करवाना चाहते थे। इसी सिलसिले में उन्होंने ‘जस्ट डायल’ (Just Dial) के माध्यम से लखनऊ की एक कंसल्टेंसी फर्म ‘स्टडी पाथ-वे’ (Study Path-Way) से संपर्क किया।
फर्म के संचालक अभिनव शर्मा ने उन्हें लखनऊ के प्रतिष्ठित ‘हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस’ में सीट दिलाने का पक्का भरोसा दिया। झांसे में आकर जेल अधीक्षक ने 19 जुलाई 2025 को पत्नी के खाते से 10-10 लाख रुपये के डीडी (DD) बनवाए। इसके बाद 24 अक्टूबर को उन्होंने अपने एसबीआई (SBI) खाते से 30 लाख रुपये का RTGS भी किया।
फोन बंद हुआ तो खुला ठगी का राज
जब भुगतान पूरा हो गया और एडमिशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए जेल अधीक्षक ने अभिनव शर्मा को फोन किया, तो उसका मोबाइल बंद आने लगा। अनहोनी की आशंका होने पर जब वे लखनऊ स्थित उसके ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। जांच-पड़ताल में पता चला कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को मेडिकल एडमिशन के नाम पर करोड़ों का चूना लगा चुका है।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
जेल अधीक्षक की तहरीर पर उन्नाव की सदर कोतवाली में आरोपी अभिनव शर्मा, संतोष कुमार और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। खास बात यह है कि पीड़ित ने ‘जस्ट डायल’ को भी इस संगठित धोखाधड़ी का हिस्सा मानते हुए नामजद किया है। फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल और सर्विलांस टीम आरोपियों की तलाश में लखनऊ और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है।
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