‘चंदा चोर, वोट चोर, मजदूरी चोर’, आराधना मिश्रा का बीजेपी पर हमला, मनरेगा में फर्जी हाजिरी का लगाया आरोप

Aradhana Mishra Mona: उत्तर प्रदेश में वीबी-जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर योजना में कथित फर्जी हाजिरी और गलत भुगतान की व्यापक जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब मजदूरों के रोजगार से जुड़ी योजना में भी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

आराधना मिश्रा ने कहा कि यूपीए सरकार ने ग्रामीण गरीबों को गांव में ही रोजगार देने और पलायन रोकने के लिए मनरेगा कानून बनाया था। इसका उद्देश्य मजदूरों की आजीविका सुरक्षित करना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदल दिया, लेकिन अब इसमें भी कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “चंदा चोर, वोट चोर, मजदूरी चोर- भाजपा की लूट चारों ओर।”

नौ जिलों में क्लोन ऐप से फर्जी हाजिरी का दावा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के नौ जिलों के कुछ स्थानों पर डिजिटल हाजिरी में कथित हेरफेर के मामले सामने आए हैं। आरोप है कि क्लोन ऐप के जरिए फर्जी उपस्थिति दर्ज कराई गई और इसके आधार पर भुगतान में गड़बड़ी की गई।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए तो अनियमितताओं का दायरा बड़ा हो सकता है। हालांकि, घोटाले की कुल राशि और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

आराधना मिश्रा ने अयोध्या का जिक्र करते हुए भाजपा पर धार्मिक आस्था से जुड़े धन और गरीबों की मजदूरी में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना में सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आशंका गंभीर है और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

केंद्र के निर्देशों के बावजूद गड़बड़ी पर उठाए सवाल

आराधना मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 8 जुलाई 2025 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर एनएमएमएस ऐप के दुरुपयोग और डिजिटल हाजिरी में हेरफेर रोकने के निर्देश दिए थे।

उनके मुताबिक, मंत्रालय ने ग्राम पंचायत स्तर पर उसी दिन 100 प्रतिशत सत्यापन, ब्लॉक और जिला स्तर पर अगले दिन जांच और राज्य स्तर पर दो दिन के भीतर नमूना सत्यापन करने को कहा था। इसके अलावा मैन्युअल जांच, रोजाना रिपोर्ट तैयार करने, संदिग्ध मामलों की पड़ताल और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे।

मंत्रालय ने राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर निगरानी प्रकोष्ठ बनाने को भी कहा था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि इन निर्देशों के बावजूद कथित गड़बड़ियां सामने आना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने मांग की कि पूरे उत्तर प्रदेश में योजना के डिजिटल रिकॉर्ड और भुगतान की जांच कराई जाए। जहां फर्जी हाजिरी और गलत भुगतान की पुष्टि हो, वहां नियमों के अनुसार धनराशि की वसूली की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

प्रेसवार्ता में शिव पाण्डेय, कुंवर सिंह निषाद, प्रियंका गुप्ता, सचिन रावत, सिद्धिश्री, डॉ. अलीमुल्ला खान और मान सिंह चौहान समेत अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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