मऊ के बाबू के ठिकानों से मिली 17 करोड़ की संपत्ति, बिहार-झारखंड के कई शहरों में मिले महल और गोदाम

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की गोरखपुर टीम ने मऊ के पूर्व आपूर्ति क्लर्क गगन कुमार सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की चार टीमों ने एक साथ बिहार और झारखंड के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें करीब 17 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है।

विजिलेंस की 24 सदस्यीय टीम ने गगन सिंह के पैतृक गांव बांका (बिहार), भागलपुर और देवघर (झारखंड) में स्थित घरों, फ्लैट्स और गोदामों की तलाशी ली। लगभग 6 घंटे तक चली इस सर्च कार्रवाई में जो आंकड़े सामने आए, वो चौंकाने वाले हैं।

आलीशान मकान और गोदाम: बांका के पैतृक गांव में बने घर और गोदाम की कीमत करीब 4.29 करोड़ रुपये है।

शहरी संपत्तियां: बांका शहर में 1.70 करोड़ का मकान, भागलपुर में 34 लाख का फ्लैट और देवघर में 1.17 करोड़ का बंगला मिला है।

जमीन के दस्तावेज: जांच के दौरान कृषि और आवासीय प्लॉट से जुड़े 33 बैनामे (रजिस्ट्री के कागज) बरामद हुए हैं।

नकदी और सामान: लाखों का फर्नीचर, कंप्यूटर, मोटरसाइकिल और भारी मात्रा में बैंक पासबुक व चेकबुक जब्त की गई हैं।

मऊ से शुरू हुआ था भ्रष्टाचार का सफर

मूल रूप से बिहार के बांका निवासी गगन सिंह की भर्ती 1992 में मऊ जिले के पूर्ति विभाग में लिपिक (क्लर्क) के पद पर हुई थी। पद पर रहते हुए ही उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे। शिकायतों के आधार पर मऊ जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी, जिसके बाद मई 2025 में उन्हें सस्पेंड कर ललितपुर से संबद्ध कर दिया गया था।

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