वोटर लिस्ट पर घमासान: सपा का आरोप, कहा- PDA और मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने की बड़ी साजिश
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की सियासत में मतदाता सूची को लेकर घमासान छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर एक सुनियोजित साजिश के तहत लाखों वैध मतदाताओं के नाम कटवाने का गंभीर आरोप लगाया है। सपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग को साक्ष्यों के साथ ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। सपा का आरोप है कि भाजपा द्वारा पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी के समर्थकों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए ‘फार्म-7’ का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
‘थोक’ में जमा किए जा रहे प्रिंटेड फार्म
ज्ञापन में कहा गया है कि औरैया, प्रयागराज, मऊ, मथुरा, वाराणसी, इटावा और कानपुर समेत दर्जनों जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लाखों की संख्या में फार्म-7 (नाम हटाने हेतु आवेदन) बीएलओ के पास जमा किए गए हैं। सपा का दावा है कि इन फार्मों में मतदाताओं के नाम और ईपिक (EPIC) नंबर पहले से प्रिंट करवाकर लाए जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि यह एक संगठित प्रयास है।
चुनाव आयोग के नियम के अनुसार, कोई व्यक्ति एक दिन में अधिकतम 5 और बीएलए (BLA) अधिकतम 10 फार्म ही जमा कर सकता है, लेकिन भाजपा द्वारा ‘बल्क’ में फार्म जमा कर अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
जिलों की ग्राउंड रिपोर्ट (सपा के दावों के अनुसार)
मथुरा: यहां एक ही व्यक्ति (राजेश शर्मा) द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के लिए प्रिंटेड फार्म जमा करने का आरोप है।
सोनभद्र: रॉबर्ट्सगंज में बीएलए ‘सोहन भारती’ के नाम से किसी और ने अंग्रेजी में फर्जी हस्ताक्षर कर फार्म जमा किए।
प्रयागराज: सोरांव विधानसभा के कई बूथों पर हजारों फार्म जमा कर बीएलओ और जिलाधिकारी पर अवैध रूप से नाम काटने का दबाव बनाने का दावा।
इटावा और औरैया: यहां ‘नो-मैपिंग’ के नाम पर वैध मतदाताओं (जैसे रीना और अंकित) के नाम काटने और सुनवाई अधिकारियों द्वारा सुबूतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है।
मऊ (घोसी): अल्पसंख्यक बाहुल्य बूथों पर फर्जी आवेदकों द्वारा हस्ताक्षर कर 100-100 से अधिक फार्म जमा किए गए।
निर्वाचन आयोग से सपा की मांगें
- एसआईआर (SIR) प्रक्रिया शुरू होने से अब तक प्राप्त सभी संदिग्ध फार्म-7 को तत्काल निरस्त किया जाए।
- फर्जी हस्ताक्षर करने वालों और अवैध रूप से बल्क में फार्म जमा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
- मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए ताकि कोई भी वैध मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
- ज्ञापन सौंपने वालों में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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