यूपी मतदाता सूची अपडेट: फिर बढ़ी SIR की समयसीमा, अब 6 जनवरी को आएगा ड्राफ्ट

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की तिथियों में भारत निर्वाचन आयोग ने संशोधन किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, अब नई समयसीमा के तहत मतदाता सूची का प्रकाशन और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।

नई महत्वपूर्ण तिथियां

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए शेड्यूल के अनुसार अब पूरी प्रक्रिया निम्न प्रकार होगी।

आलेख्य प्रकाशन (कच्ची सूची): 06 जनवरी, 2026

दावे और आपत्तियां दर्ज करना: 06 जनवरी से 06 फरवरी, 2026 तक

दावों का निस्तारण: 27 फरवरी, 2026 तक

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 06 मार्च, 2026

घर-घर आएंगे बीएलओ: जानें नई प्रक्रिया

इस बार एसआईआर फॉर्म भरने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष नियम लागू किए गए हैं। जिसमें पहला बीएलओ मतदाता को फॉर्म की दो कॉपियां देंगे। दूसरा मतदाता दोनों फॉर्म भरेगा और फोटो लगाएगा। एक कॉपी बीएलओ के पास जमा होगी और दूसरी (हस्ताक्षरित) कॉपी मतदाता के पास ‘पावती’ के रूप में रहेगी। इसके साथ ही नाम कटने से बचाने और डुप्लीकेसी (दोहराव) रोकने के लिए यह फॉर्म जमा करना अनिवार्य है।

मतदाताओं के लिए विशेष सुझाव

फॉर्म भरते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

मोबाइल नंबर: नंबर बिल्कुल सही और स्पष्ट लिखें।

पहचान पत्र (EPIC): वोटर आईडी कार्ड नंबर और जन्मतिथि की दोबारा जांच कर लें।

आधार कार्ड: आधार नंबर देना वैकल्पिक है, यह अनिवार्य नहीं है।

एक देश, एक नाम: सुनिश्चित करें कि आपका नाम पूरे देश में केवल एक ही स्थान की वोटर लिस्ट में हो।

क्यों जरूरी है SIR?

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदाताओं (Fake Voters) को हटाना, एक ही व्यक्ति के दो जगहों पर नाम (Duplicacy) को खत्म करना और 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं को जोड़ना है।

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