हाईकोर्ट में सरेंडर की अर्जी देकर गायब हुई श्रद्धा दुबे, नेपाल से लखनऊ तक पुलिस को देती रही चकमा
Shraddha Dubey Case: शिवा शर्मा की मौत के मामले में 50 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे पुलिस को लगातार चकमा दे रही है। नेपाल के भगवानपुर में 10 दिन तक तलाश करने के बाद लखनऊ पुलिस की दो टीमें सोमवार को खाली हाथ लौट आईं। सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा इस दौरान नेपाल से निकलकर रायबरेली, आगरा होते हुए लखनऊ पहुंच गई और पुलिस को भनक लगने से पहले ही अपना अगला ठिकाना बदल लिया।
होटल में नहीं मिली जगह, फिर आगरा पहुंची
सूत्रों के मुताबिक, Shraddha Dubey नेपाल से टैक्सी लेकर पहले रायबरेली पहुंची। पहचान छिपाने के लिए उसने होटल में आईडी नहीं दी, इसलिए कमरा नहीं मिल सका। इसके बाद वह आगरा गई और अलीगंज निवासी एक वकील से संपर्क किया। वकील की सलाह पर रविवार सुबह लखनऊ पहुंचकर हाईकोर्ट में सरेंडर और अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल कर दी।
लेकिन पुलिस के पहुंचने तक वह वहां से निकल चुकी थी।
- रविवार, सुबह: हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की।
- दोपहर करीब 1 बजे: कमता तिराहे के पास आखिरी लोकेशन मिली।
- फिर बदली टैक्सी: आगरा की टैक्सी का भुगतान कर दूसरी गाड़ी से निकल गई।
- CCTV में धुंधली तस्वीर: कमता तिराहे के पास एक इमारत के कैमरे में उसकी फुटेज मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस ने आगरा के टैक्सी चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उसे आगरा भेज दिया। अब हाईकोर्ट और आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पांच मददगार चिह्नित, परिवार से भी पूछताछ
पुलिस ने श्रद्धा की फरारी और आवाजाही में मदद करने वाले पांच लोगों को चिह्नित किया है। इनके नाम हत्या के मामले की मुख्य एफआईआर में शामिल किए जाने की बात कही जा रही है। रायबरेली के बस्तेपुर स्थित श्रद्धा के घर पर उसके पिता एसपी दुबे और सौतेली मां से करीब डेढ़ घंटे पूछताछ की गई। आठ करीबियों और रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए लाया गया था। इनमें छह को छोड़ दिया गया, जबकि दो से पूछताछ जारी थी।
शिवा की डायरी और गायब मोबाइल पर सवाल
शिवा की मां रंजना शर्मा के मुताबिक, उनका बेटा मोबाइल में ‘माई डायरी’ नाम से अपनी गतिविधियां, वीडियो और चैट ऑनलाइन अपडेट करता था। उन्होंने कर्ज के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि शिवा को फंसाकर उससे रुपये ऐंठे गए। परिवार ने Shraddha Dubey पर शिवा को अपने नियंत्रण में रखने का आरोप भी लगाया है।
श्रद्धा के कथित तीसरे मोबाइल को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं हैं, लेकिन उसमें रसूखदार लोगों से जुड़ी जानकारी होने के दावों की पुष्टि नहीं हुई है। शिवा का एक मोबाइल भी गायब बताया जा रहा है।
अब दूसरे राज्यों में तलाश
ऑपरेशन की कमान क्राइम टीम प्रभारी शिवानंद मिश्र को सौंपी गई है। वह टीम के साथ आगरा पहुंचे हैं, जबकि अन्य टीमें दिल्ली और उत्तराखंड भेजी गई हैं। लखनऊ के सभी जोनों को अलर्ट पर रखा गया है। इसी बीच सेंट्रल जोन में डीसीपी अर्पित विजयवर्गीय और हजरतगंज में एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय को जिम्मेदारी दी गई है।
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