UPSIDC भर्ती में गड़बड़ी का खेल उजागर, तत्कालीन JMD समेत 3 अधिकारियों पर FIR
UPSIDC Recruitment Scam: उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (UPSIDC) में वर्ष 2007 से 2009 के बीच हुई सामान्य और बैकलॉग भर्तियों में अनियमितताओं के आरोप में विजिलेंस ने तीन तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों में तत्कालीन संयुक्त प्रबंध निदेशक तपेंद्र प्रसाद, तकनीकी विशेष कार्याधिकारी (OSD) अजीत सिंह और सहायक प्रबंधक (कार्मिक) सुधीर कनौजिया शामिल हैं।
विजिलेंस के कानपुर सेक्टर में दर्ज FIR के मुताबिक, इन भर्तियों की जांच के आदेश शासन ने 10 जून 2022 को दिए थे। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक के माध्यम से 5 मार्च 2026 को जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई। इसके आधार पर शासन ने 19 अगस्त 2026 को तीनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।
चार भर्ती विज्ञापन जांच के दायरे में
FIR के अनुसार, वर्ष 2007, 2008 और 2009 में जारी चार भर्ती विज्ञापनों के जरिए निगम में अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। इनमें मानचित्रकार, आशुलिपिक/टंकण उपप्रबंधक (सामान्य), उपप्रबंधक (लेखा) और सहायक प्रबंधक (लेखा) के पद शामिल थे।
विजिलेंस की खुली जांच में इन भर्तियों में अनियमितताओं के आरोप (UPSIDC Recruitment Scam) सामने आए। आरोप है कि नियुक्तियों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसी जांच के आधार पर तपेंद्र प्रसाद, अजीत सिंह और सुधीर कनौजिया को आरोपी बनाया गया है।
धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में केस
तीनों अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई है। मामले में अब विवेचना की जाएगी, जिसमें भर्ती प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की जांच होगी।
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