अमेरिकी इमिग्रेशन की सख्ती से H-1B वीजा होल्डर्स की बढ़ी परेशानी

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों में सख्ती के बीच भारत के H-1B वीजा होल्डर प्रवासियों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। वर्क परमिट रिन्यू कराने भारत आए कई प्रवासी अब अमेरिका लौट नहीं पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अमेरिका की नई सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी के चलते H-1B वीजा इंटरव्यू की अपॉइनमेंट अगले साल के लिए पोस्टपोन कर दी गई हैं। दिसंबर में होने वाले इंटरव्यू अब मार्च में कराए जाएंगे, जिससे भारत आए बड़ी संख्या में एनआरआई यहीं फंस गए हैं।

कर्मचारियों को यात्रा से बचने की सलाह

वीजा रिन्यूअल प्रक्रिया में हो रही देरी को देखते हुए Google ने अपने कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की सलाह दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी दूतावास ने 15 से 26 दिसंबर के बीच जिन भारतीयों के वीजा अपॉइनमेंट तय किए थे, उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के ही रद्द कर दिया गया। इससे कर्मचारियों और कंपनियों दोनों की चिंता बढ़ गई है।

पहली बार सामने आई इतनी बड़ी समस्या

कई दिग्गज कंपनियों का कहना है कि इस तरह की स्थिति पहली बार देखने को मिल रही है। यह एक बड़ी समस्या बनती जा रही है और आगे का कोई स्पष्ट समाधान फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। अमेरिका में काम करने वाला एक व्यक्ति शादी में शामिल होने के लिए भारत आया था, जिसे 17 और 23 दिसंबर को कॉन्सुलर अपॉइनमेंट मिला था, लेकिन उसका अपॉइनमेंट भी रद्द कर दिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि कंपनियां अपने कर्मचारियों का कितने समय तक इंतजार करेंगी।

अमेरिकी प्रशासन ने ईमेल के जरिए दी जानकारी

अमेरिकी प्रशासन ने ईमेल के माध्यम से बताया है कि नई सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी की वजह से वीजा अपॉइनमेंट में देरी हो रही है। अमेरिका का कहना है कि सुरक्षा कारणों से वीजा रिन्यूअल प्रक्रिया में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है, जिसके चलते समय ज्यादा लग रहा है। इससे पहले 9 दिसंबर को भारत स्थित United States Embassy in India ने एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया था कि अगर किसी को रीशेड्यूल का मेल मिला है और इसके बावजूद वह दूतावास पहुंचता है, तो उसे एंट्री नहीं दी जाएगी।

क्या है सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी

Donald Trump प्रशासन ने H-1B और H-4 वीजा के लिए सोशल मीडिया स्क्रीनिंग की नीति लागू की है। इसके तहत वीजा जारी करने या रिन्यू करने से पहले आवेदक की सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की जाएगी। वीजा के लिए आवेदन करने से पहले आवेदकों को अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्रिवेसी सेटिंग बदलकर उसे पब्लिक करना होगा। बता दें कि सितंबर में ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा पर एक लाख डॉलर का शुल्क भी लगाया था, जिससे पहले से ही प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।

 

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