दुनिया के सामने आया एपस्टीन फाइल्स का सच, अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी किए 35 लाख पन्ने और 2,000 वीडियो

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल से जुड़ी जांच की ऐतिहासिक समीक्षा पूरी कर ली है। एपस्टीन फाइल्स पारदर्शिता अधिनियम के तहत अब तक की सबसे बड़ी जानकारी सार्वजनिक की गई है, जिसमें रसूखदार लोगों के चेहरों से नकाब उतरने की उम्मीद है।

डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया कि इस विशाल डेटा को तैयार करने के लिए 500 से अधिक वकीलों और विशेषज्ञों ने दिन-रात काम किया।

क्या-क्या हुआ जारी: लगभग 35 लाख पन्ने, 1.80 लाख तस्वीरें और 2,000 से ज्यादा वीडियो।

सख्त छंटनी: शुरुआत में 60 लाख पन्नों की पहचान हुई थी, लेकिन गोपनीयता और कानूनी नियमों को ध्यान में रखते हुए केवल जरूरी और प्रासंगिक दस्तावेज ही सार्वजनिक किए गए हैं।

गोपनीयता और सुरक्षा का रखा गया ध्यान

विभाग ने स्पष्ट किया कि फाइलों को जारी करते समय कुछ चीजों पर पाबंदी लगाई गई है।

पीड़ितों की सुरक्षा: सभी पीड़ित महिलाओं के चेहरे और पहचान को छिपाया गया है (सिर्फ दोषी घिसलेन मैक्सवेल को छोड़कर)।

बच्चों से जुड़ी सामग्री: बच्चों के यौन शोषण और अत्यधिक हिंसा वाली तस्वीरों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

पुरुषों की पहचान: दस्तावेजों में शामिल पुरुषों के नाम और पहचान को तब तक नहीं छिपाया गया, जब तक कि वह किसी महिला पीड़ित की पहचान से न जुड़ा हो।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब यह सवाल उठा कि क्या विभाग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या अन्य शक्तिशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है, तो टॉड ब्लैंच ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा, हमने न तो राष्ट्रपति को प्रोटेक्ट किया और न ही किसी और को। विभाग ने केवल कानून का पालन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मैक्सवेल के किसी भी गुप्त समझौते की जानकारी नहीं है।

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