अमेरिका ने गाजा को लेकर पेश किया प्लान बी, बोला- हमास अगर हथियार नहीं छोड़ेगा तो होगी कार्रवाई
Sandesh Wahak Digital Desk: गाजा संघर्ष को खत्म करने की दिशा में अमेरिका ने अपने शांति प्लान का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। लेकिन इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बड़ा सवाल उठाया है क्या हमास वास्तव में हथियार डालने को तैयार होगा? अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी आगाह किया है कि अगर हमास ने बंधकों के शव वापस नहीं किए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
दूसरे चरण में क्या है शामिल
इस नए चरण में गाजा के प्रशासन के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञों वाली फिलिस्तीनी समिति (NCAG) बनाई जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह समिति गैर-राजनीतिक और सेवा-उन्मुख होगी, जिसका मकसद सिर्फ गाजा का पुनर्निर्माण और वहां की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार लाना होगा। इसका लक्ष्य सिर्फ युद्धविराम से आगे बढ़कर गाजा का विसैन्यीकरण करना, तकनीकी शासन स्थापित करना और बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करना है।
अमेरिकी अधिकारी साफ शब्दों में कह रहे हैं कि उन्हें यकीन नहीं है कि हमास पूरी तरह से अपने हथियार छोड़ देगा। उन्होंने कहा, हमास ने अपना सैन्य ढांचा बनाने में सालों लगा दिए हैं। हालांकि, अमेरिका ने जोर देकर कहा कि गाजा के भविष्य के लिए उसकी आतंकी क्षमता को खत्म करना ज़रूरी है। अधिकारियों ने कहा, अगर फिर से लड़ाई की संभावना बनी रही, तो पुनर्निर्माण आगे नहीं बढ़ सकता।
बंधकों के मामले की चेतावनी
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि वाशिंगटन को उम्मीद है कि हमास समझौते की बाकी शर्तें पूरी करेगा, जिसमें अंतिम बंधक के शव की वापसी भी शामिल है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ऐसा न करने के गंभीर परिणाम होंगे। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि सभी जीवित बंधकों को तो रिहा कर दिया गया है और 28 मृत बंधकों में से 27 के शव भी बरामद हो चुके हैं।
विटकॉफ ने मिस्र, तुर्की और कतर जैसे क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन देशों के प्रयासों का बहुत आभारी है और जैसे-जैसे यह योजना आगे बढ़ेगी, इनकी भूमिका और भी अहम होती जाएगी।
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