ईरान युद्ध पर अमेरिकी सीनेट में भिड़े डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, शूमर ने ट्रंप को कहा झूठा
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य अभियान ने अमेरिका की आंतरिक राजनीति में भूचाल ला दिया है। एक तरफ जहाँ युद्ध की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर होमलैंड सिक्योरिटी फंडिंग को लेकर जारी शटडाउन ने आग में घी डालने का काम किया है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के दिग्गज नेता और सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चार्ल्स शूमर ने राष्ट्रपति ट्रंप पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईरान संघर्ष को लेकर सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना नहीं है। शूमर के मुताबिक, राष्ट्रपति कहते हैं कि युद्ध समाप्ति की ओर है, लेकिन रक्षा मंत्री (पेंटागन) हमलों को और तेज करने की बात कर रहे हैं। बिना किसी रणनीति के अमेरिकी सैनिकों को युद्ध की आग में झोंका जा रहा है। शूमर ने बेहद सख्त लहजे में कहा, डोनाल्ड ट्रंप झूठे हैं। वह उस युद्ध के बारे में खुल्लमखुल्ला झूठ फैला रहे हैं जिसे उन्होंने खुद शुरू किया है।
सुरक्षा एजेंसियों की फंडिंग पर तालाबंदी
युद्ध के साथ-साथ अमेरिका के भीतर सुरक्षा एजेंसियों के बजट को लेकर भी खींचतान जारी है। पिछले 25 दिनों से जारी शटडाउन के कारण टीएसए (TSA), कोस्ट गार्ड और फेमा (FEMA) जैसी एजेंसियों के पास काम करने के लिए पैसे नहीं हैं।
डेमोक्रेट्स का तर्क: सीनेटर ब्रायन शैट्ज़ ने कहा कि हम सुरक्षा एजेंसियों को बजट देने के पक्ष में हैं, लेकिन आव्रजन (Immigration) नियमों में सुधार और जवाबदेही भी जरूरी है। उन्होंने मांग की कि “गुप्त पुलिस” जैसी गश्त रोकी जाए और सुरक्षाकर्मी मास्क हटाकर कैमरों के सामने काम करें।
रिपब्लिकन का पलटवार: सीनेट के रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून ने कहा कि डेमोक्रेट्स बातचीत की मेज पर ही नहीं आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि टीएसए कर्मचारियों को वेतन न मिलने के कारण अब हवाई अड्डों पर लंबी लाइनें लगने लगी हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

