अमेरिकी टैरिफ का भारत पर खास असर नहीं, RBI गवर्नर ने दिलाया भरोसा
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ (आयात शुल्क) बढ़ाने का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह बात मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
मल्होत्रा ने कहा, अमेरिकी टैरिफ को लेकर जो अनिश्चितता है, उसका भारत पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा, बशर्ते भारत भी जवाबी टैरिफ न लगाए। हमें उम्मीद है कि ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधी मुद्दों का सौहार्दपूर्ण हल निकल जाएगा।
विकास दर का अनुमान घटाया गया
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि कुछ वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए आरबीआई ने पहले ही भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार काफी मजबूत है और यह 11 महीने तक के आयात के लिए पर्याप्त है।
रूसी तेल खरीद और महंगाई पर भी बात
रूस से तेल खरीद कम करने से भारत में महंगाई पर पड़ने वाले असर के सवाल पर मल्होत्रा ने कहा कि भारत सिर्फ रूस से ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों से भी तेल खरीदता है। उन्होंने समझाया कि महंगाई पर असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें क्या रहती हैं और सरकार इसका कितना बोझ खुद उठाती है।
उन्होंने आगे कहा, हमें फिलहाल महंगाई पर कोई बड़ा असर नहीं दिख रहा है, क्योंकि अगर कोई ‘प्राइस शॉक’ आता है, तो सरकार राजकोषीय स्तर पर सही कदम उठाएगी। आरबीआई की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि महंगाई पर इसका असर बहुत सीमित होगा, क्योंकि भारत में महंगाई की बास्केट में लगभग आधा हिस्सा खाद्य पदार्थों का है, जिन पर वैश्विक घटनाओं का सीधा प्रभाव कम होता है।

