अमेरिका ने ईरान के ऑयल नेटवर्क पर कसी नकेल, भारतीय कंपनी समेत कई फर्मों पर लगाया प्रतिबंध
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सख्ती और बढ़ा दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के बड़े ऑयल (तेल) नेटवर्क को टारगेट करते हुए कई बड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों की जद में एक भारतीय फर्म और दो भारतीय कारोबारी भी आए हैं।
ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई तेहरान की ऑयल लॉबी के खिलाफ की जा रही है, जो ईरानी मिलिट्री को फंड मुहैया करा रही है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने और आतंकवादी प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देने के लिए किया जा रहा है।
भारतीय कंपनी और कारोबारी निशाने पर
प्रतिबंधों की सूची में शामिल भारतीय फर्म की पहचान आरएन शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हुई है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि इस भारतीय फर्म ने ईरान की सेना से जुड़ी प्रतिबंधित कंपनी सेपेहर एनर्जी जहान नामा पारस कंपनी के लिए ईरानी तेल ले जाने वाले जहाज संचालित किए थे। फर्म के दो भारतीय डायरेक्टर, जैर हुसैन इकबाल हुसैन सईद और ज़ुल्फिकार हुसैन रिजवी सईद को भी उनकी कथित संलिप्तता के लिए प्रतिबंधित किया गया है। आरएन शिप मैनेजमेंट अब यूएई, पनामा, जर्मनी, ग्रीस और गाम्बिया की उन फर्मों की बढ़ती हुई लिस्ट में शामिल हो गई है, जिन पर ईरान की सेना से जुड़ी तेल गतिविधियों को ‘मटीरियल सपोर्ट’ देने का आरोप है।
सैन्य फंडिंग रोकने की कार्रवाई
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बयान में कहा, आज की कार्रवाई ईरानी सरकार के न्यूक्लियर वेपन्स के डेवलपमेंट और टेररिस्ट प्रॉक्सीज को सपोर्ट के लिए फंडिंग रोकने के ट्रेजरी के कैंपेन को जारी रखती है। ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने उन फ्रंट कंपनियों और शिपिंग फैसिलिटेटर्स पर रोक लगाई है, जो कच्चा तेल बेचकर ईरानी आर्म्ड फोर्सेस को फंड देते हैं। इजरायल के साथ 12-दिन के युद्ध में हार के बाद, ईरान की मिलिट्री अपने कमजोर फोर्सेस को फिर से बनाने के लिए क्रूड ऑयल की बिक्री पर ज्यादा निर्भर हो गई है। ओएफएसी छह वेसल्स (जहाजों) को भी टारगेट कर रहा है, जिन पर ईरान अपने ऑयल एक्सपोर्ट्स को बाजार तक पहुंचाने के लिए निर्भर है।
इन कंपनियों पर भी बैन
ईरान की महान एयरलाइंस कंपनी पर भी बैन लगाया गया है, क्योंकि यह पूरे मिडिल ईस्ट में ईरान के सपोर्ट वाले आतंकवादी समूहों को हथियार और सप्लाई देने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा, सेपेहर एनर्जी जहान नामा पारस कंपनी भी प्रतिबंधित की गई है।
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