अमेरिका जब्त रूसी जहाज मैरिनेरा के क्रू पर चलाएगा आपराधिक केस, रूस ने जताई कड़ी आपत्ति

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर से जब्त किए गए रूसी तेल टैंकर मैरिनेरा (जिसे बेला-1 भी कहा जाता है) के चालक दल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का फैसला किया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस जहाज ने न केवल प्रतिबंधित तेल का परिवहन किया, बल्कि कोस्ट गार्ड के आदेशों की भी अनदेखी की।

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि जहाज के सदस्यों ने पकड़े जाने से बचने के लिए बचाव की बहुत कोशिश की। उनके अनुसार, यह टैंकर कथित तौर पर वेनेजुएला और ईरान से प्रतिबंधित तेल की सप्लाई कर रहा था। चालक दल ने अमेरिकी कोस्ट गार्ड के निर्देशों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण अब उन पर क्रिमिनल केस चलाया जाएगा। अटॉर्नी जनरल ने साफ किया कि जस्टिस डिपार्टमेंट ऐसे कई अन्य जहाजों पर नजर रख रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

रूस की दोटूक, ताकत का इस्तेमाल गैरकानूनी

दूसरी ओर, रूस इस कार्रवाई से बेहद नाराज है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर मांग की है कि अमेरिका उनके नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार करे और उनके अधिकारों का सम्मान करते हुए उन्हें तुरंत वापस भेजे। रूसी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रूस के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने यूएन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (1982) का हवाला देते हुए कहा है कि किसी भी देश को दूसरे देश के जहाज के खिलाफ इस तरह ताकत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है।

7 जनवरी को अमेरिका ने कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो बड़े टैंकरों को पकड़ा था। पहला रूसी झंडे वाला ‘मैरिनेरा’ और दूसरा पनामा का झंडा लगा जहाज ‘सोफिया’। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के मुताबिक, अमेरिकी कानून के उल्लंघन के मामले में इन जहाजों के क्रू को न्यायिक प्रक्रिया के लिए अमेरिका लाया जा सकता है।

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