ट्रंप की टैरिफ नीति का असर, अमेरिकी व्यापार घाटा 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) को लेकर वैश्विक बाजार में यह आशंका थी कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचेगा। हालांकि, व्हाइट हाउस द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने इन कयासों को उलट दिया है। अमेरिका का व्यापार घाटा 2020 के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जिसमें पिछले साल की तुलना में 35 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।
व्हाइट हाउस की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ-आधारित ट्रेड रणनीति की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती आई है। प्रशासन का कहना है कि निर्यात में बढ़ोतरी, आयात में कमी, और चीन के साथ व्यापार घाटे में उल्लेखनीय कमी के कारण व्यापार प्रदर्शन में तेज सुधार दिखाई दे रहा है।
अमेरिका फर्स्ट एजेंडे का प्रमाण
ट्रंप प्रशासन ने इन आँकड़ों को इस बात का और सबूत बताया कि राष्ट्रपति का ‘अमेरिका फर्स्ट’ ट्रेड एजेंडा अब परिणाम दे रहा है। उनका तर्क है कि सालों से चली आ रही उन कमजोर नीतियों को बदला गया है, जिनसे अमेरिकी उत्पादकों को नुकसान होता था।
निर्यात में वृद्धि: अमेरिकी निर्यात एक साल पहले की तुलना में 6 प्रतिशत बढ़ा है। मुद्रास्फीति के हिसाब से समायोजित उपभोक्ता वस्तुओं का निर्यात अब तक का सबसे बड़ा रहा, जो वैश्विक स्तर पर अमेरिकी उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
चीन के साथ घाटा कम: चीन के साथ मौसमी रूप से समायोजित अमेरिकी व्यापार घाटा 2009 के बाद से अपने दूसरे सबसे छोटे स्तर पर आ गया है। टैरिफ के दबाव का इस्तेमाल बाजार तक पहुँच और व्यापार प्रथाओं में बदलाव के लिए किया गया।
जीडीपी पर सकारात्मक प्रभाव: 2025 की तीसरी तिमाही में वास्तविक निर्यात 4.1 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा, जबकि आयात में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग एक प्रतिशत प्वाइंट का इजाफा हुआ।
घरेलू निवेश और नौकरियों में बढ़ोतरी
व्हाइट हाउस ने इस टैरिफ रणनीति को घरेलू निवेश की एक लहर से जोड़ा है। कई कंपनियों ने नए निवेश की घोषणा की है, जिससे वे दूसरे देशों से कर्मचारियों को वापस ला रहे हैं और हजारों नई अमेरिकी नौकरियाँ पैदा कर रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इन निवेश प्रतिबद्धताओं ने संयुक्त राज्य अमेरिका को भविष्य की नौकरियों के लिए एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।
नए ट्रेड डील में मिली ताकत
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ट्रंप के ऐतिहासिक ट्रेड एजेंडा ने संयुक्त राज्य अमेरिका को नए और बेहतर व्यापार समझौते हासिल करने के लिए अभूतपूर्व ताकत दी है। ये समझौते यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, जापान, चीन और कोरिया जैसे प्रमुख भागीदारों सहित वैश्विक जीडीपी के आधे से ज्यादा हिस्से को कवर करते हैं।
Also Read: Muzaffarnagar News: मुअज्जिन ने दरोगा को दी गर्दन काटने की धमकी, गिरफ्तार कर भेजा गया जेल

