अमेरिका में 40 डिग्री तापमान और भीषण तूफान से हाहाकार; 8,000 उड़ानें रद्द, 14 करोड़ लोगों पर संकट

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मौसमी संकट मंडरा रहा है। एक तरफ जहां तापमान गिरकर माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं दूसरी तरफ एक विनाशकारी बर्फीले तूफान ने 40 से अधिक राज्यों में तबाही मचा रखी है। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए देश भर में 8,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी, आपातकाल के लिए रहें तैयार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को संबोधित करते हुए इसे ऐतिहासिक खतरा बताया है। उन्होंने एक दर्जन से अधिक राज्यों में इमरजेंसी (आपातकाल) घोषित कर दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यह तूफान बिजली लाइनों को पूरी तरह तबाह कर सकता है और हफ्तों तक सड़कें जाम रह सकती हैं। राष्ट्रपति ने नागरिकों से अपील की है कि वे अगले कुछ दिनों तक अपने घरों से बाहर न निकलें।

न्यू मैक्सिको से लेकर न्यू इंग्लैंड तक लगभग 14 करोड़ लोगों के लिए ‘विंटर स्टॉर्म वॉर्निंग’ जारी की गई है। वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और बोस्टन जैसे शहरों में एक फुट से ज्यादा बर्फबारी की आशंका है। नॉर्थ डकोटा जैसे राज्यों में तापमान माइनस 40 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इतनी ठंड में अगर कोई 10 मिनट भी बाहर रहे तो उसे ‘फ्रॉस्टबाइट’ (अंगों का सुन्न होकर गलना) हो सकता है।

फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, शनिवार और रविवार को मिलाकर 8,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए हजारों किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है। भारी बर्फ के बोझ से पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे करोड़ों घरों की बत्ती गुल हो सकती है। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने लोगों से कहा है कि सड़कें जानलेवा हो चुकी हैं, इसलिए किसी भी हाल में गाड़ी न निकालें।

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