खाकी की चौखट पर न्याय की गुहार: 25 लाख की चोरी में ‘खिलौना’ पिस्तौल बरामद कर पीठ थपथपा रही उतरौला पुलिस

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। उतरौला थाना क्षेत्र के पटेल नगर निवासी अशफाकउल्ला के घर हुई लाखों की चोरी के मामले में पुलिस की ‘सुस्त’ और ‘संदिग्ध’ जांच से तंग आकर अब पीड़ित परिवार ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने न केवल उसकी मूल तहरीर बदलवाई, बल्कि मुख्य आरोपियों को भागने का पूरा मौका दिया।

अब पुलिस एक बाल अपचारी को पकड़कर और उसके पास से बच्चों के खेलने वाली ‘नकली पिस्तौल’ व चंद जेवर बरामद कर अपनी पीठ थपथपा रही है। पीड़ित कॉस्मेटिक शॉप चलाता है जबकि उसकी पत्नी एक बड़े ब्यूटी पार्लर का संचालन करती है। पति-पत्नी का कहना है कि उनकी पूरी जमा पूंजी चली गयी है और पुलिस विवेचना के नाम पर मज़ाक कर रही है। जबकि हम लोग अपने रिश्तेदारों के ज़रिए आरोपियों की पूरी सूचना जुटाकर पुलिस को दे चुके हैं।

चोरी हुए सामान की कीमत 25 से 30 लाख रुपये

घटनाक्रम के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को अशफाकउल्ला के बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने करीब 160 ग्राम सोना, 1 किलो चांदी, 1.50 लाख रुपये नकद, एक टैबलेट और मोबाइल फोन पार कर दिया था। पीड़ित अशफाकउल्ला और उनकी पत्नी हबीबा का दावा है कि चोरी हुए सामान व जेवरों की कुल कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये है। 8 जनवरी को थाना कोतवाली उतरौला में मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि विवेचक अनिल कुमार ने मामले को हल्का करने के लिए उसकी तहरीर बदलवा दी और महत्वपूर्ण जानकारियां छिपा लीं। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक विकास कुमार को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने व्यक्तिगत स्तर पर सुराग जुटाकर पुलिस को मुख्य आरोपियों अमन, अफजल और उनकी मां के बारे में सूचना दी थी, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण वे मुंबई भागने में सफल रहे।

एक बाल अपचारी को हिरासत में

​इधर, उतरौला पुलिस ने अपनी उपलब्धि गिनाते हुए एक प्रेस नोट जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, 21 फरवरी 2026 को एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया, जिसके पास से सफेद धातु के कुछ जेवर, पांच पर्स और बच्चों के खेलने वाली एक लोहे की पिस्तौल बरामद हुई है। हालांकि, पीड़ित अशफाकउल्ला इस कार्रवाई से रत्ती भर भी संतुष्ट नहीं हैं।

 

उनका कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर विवेचना में देरी की ताकि आरोपी सोने और नकदी का निस्तारण कर सकें। पीड़ित ने आरोप लगाया कि चांदनी ब्यूटी पार्लर की संचालक, अमन और उसकी मां रूबी और अन्य आरोपियों ने मिलकर उनके जीवन भर की जमा पूंजी आपस में बांट ली है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनका सारा सामान बरामद नहीं हुआ और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिली, तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।

फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

इस मामले में क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेंद्र सिंह ने हमसे बात करते हुए फ़ोन पर कहा है कि मुकदमे में एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर कुछ सामान बरामद किया गया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी तरह प्रयासरत है कि पीड़ित का शत-प्रतिशत सामान रिकवर किया जाए और उसे उचित न्याय मिले।

वहीं, अब देखना यह होगा कि क्या बलरामपुर पुलिस इस ‘खिलौना पिस्तौल व कुछ सामान’ बरामदगी से आगे बढ़कर पीड़ित की असली जमा पूंजी वापस दिला पाती है या नहीं। फ़िलहाल, पीड़ित पक्ष परेशान है और अधिकारियों के दरबाजे का पिछले 2 महीने से चक्कर लगा रहा है। अधिकारी पीड़ित परिवार को दिलासा के अलावा कुछ नहीं दे पा रहे हैं।

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

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