Varanasi News: काशी बनेगा ग्लोबल टूरिज्म हब, शुरू हुए 11 वॉक और 8 नए यात्रा कार्यक्रम
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप काशी को एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश पर्यटन और वाराणसी जिला प्रशासन के सहयोग से 11 नए पैदल वॉक और 8 विशेष यात्रा कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य वाराणसी में पर्यटकों के प्रवास की अवधि को एक दिन से बढ़ाकर कम से कम तीन दिन करना है।
250 से अधिक टूर ऑपरेटरों के लिए B2B वर्कशॉप
वाराणसी के कमिश्नरी ऑडिटोरियम सभागार में आयोजित इस B2B जागरूकता कार्यशाला में 250 से अधिक टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट और गाइड शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने की।
मौके पर वाराणसी मंडल के कमिश्नर एस. राजलिंगम और पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पर्यटन में नए विकल्प, नई ऊर्जा
कार्यशाला में बताया गया कि वाराणसी और सारनाथ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के अलावा 170 नए पर्यटन स्थलों का मानचित्रण किया गया है।
इन स्थलों को शामिल करते हुए पर्यटन मंत्रालय ने स्थानीय विशेषज्ञों के सहयोग से 11 नए पैदल मार्ग (वॉक) और 8 यात्रा कार्यक्रम (टूर इटिनरेरी) तैयार किए हैं।
इनमें काशी वन्यजीव यात्रा, विंध्याचल टूर, राजदरी-देवदरी जलप्रपात, चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य, चुनार किला, अयोध्या और प्रयागराज जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
पर्यटन समुदाय को जिम्मेदारी लेने का आह्वान
मंत्री रवींद्र जायसवाल ने टूर ऑपरेटरों, गाइडों और यात्रा व्यापार से जुड़े लोगों से अपील की कि वे इन नए वॉक और यात्रा कार्यक्रमों को अपने पैकेज में शामिल करें और नए टूर पैकेज तैयार करें, ताकि काशी में पर्यटकों का ठहराव बढ़े और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
कमिश्नर का सुझाव, फीडबैक साझा करें
कमिश्नर एस. राजलिंगम ने ट्रैवल एजेंटों और ऑपरेटरों को प्रशासन के साथ फीडबैक साझा करने को कहा, ताकि पर्यटक स्थलों पर सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने पर्यटन से जुड़े हर stakeholder को प्रेरित किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
परिणाम: एक दिन से तीन दिन की प्रवास अवधि का लक्ष्य
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वाराणसी में पर्यटन प्रवास की अवधि बढ़ाना और विविधता लाना था। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि काशी में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि वे अधिक समय यहां बिताएंगे, जिससे स्थानीय व्यवसाय और संस्कृति को भी लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट: विशाल कुमार मौर्या

