Varanasi News: सपा ने लगाया ‘I Love PDA एकता’ का पोस्टर, तेज हुई राजनीतिक हलचल
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की सियासत में पोस्टर वार अब धार्मिक दायरों से निकलकर सीधे राजनीतिक मोर्चे तक पहुँच चुका है।
वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक नया पोस्टर जारी करते हुए ‘I Love PDA एकता’ (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) एकता का नारा बुलंद किया है, जिससे स्थानीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
इस पोस्टर को भेलूपुर स्थित सपा कार्यालय पर लगाया गया है। पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है — “I Love PDA एकता”, जिसे पार्टी द्वारा सामाजिक न्याय, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और वंचित वर्गों की एकता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा के बुलडोजर पोस्टर को सपा का जवाब
सपा के इस पोस्टर को हाल ही में शहर में लगाए गए भाजपा के ‘बुलडोजर’ पोस्टरों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जो कानून व्यवस्था और माफिया विरोधी रुख को दर्शाते थे।
अब सपा ने ‘PDA’ कार्ड खेलकर अपने परंपरागत वोट बैंक — पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को एकजुट करने की कोशिश की है।
पोस्टर वार: धार्मिक से राजनीतिक मोड़
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में वाराणसी की गलियों में “I Love Mohammed” और “I Love Mahadev” जैसे पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए थे, जिससे धार्मिक तनाव और सांस्कृतिक बहसें उभरी थीं।
लेकिन अब सपा के इस राजनीतिक हस्तक्षेप ने पोस्टर युद्ध को नया मोड़ दे दिया है।
चुनाव की तैयारी या सियासी जवाबी हमला?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के पोस्टर सिर्फ प्रचार नहीं बल्कि चुनावी संदेश होते हैं, जो 2027 विधानसभा चुनाव से पहले वोटर माइंडसेट तैयार करने की कोशिश माने जाते हैं।
वहीं स्थानीय नागरिकों के बीच यह पोस्टर चर्चा और बहस का केंद्र बन गया है।
क्या कहते हैं स्थानीय समीक्षक?
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सपा का यह कदम न सिर्फ भाजपा के नैरेटिव का जवाब है, बल्कि इससे पार्टी अपने सामाजिक आधार को दोबारा मजबूत करने का संकेत भी दे रही है।
“PDA एकता” नारा पार्टी के जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय के एजेंडे को फिर से ज़ोर देने की दिशा में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट- मदन मुरारी पाठक
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