Varanasi News: असलहा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, दो तस्कर गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंतरराज्यीय असलहा तस्करी से जुड़े एक गिरोह के दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से चार अवैध पिस्टल (32 बोर) और सात मैगजीन बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में की गई।

कौन हैं पकड़े गए तस्कर?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समर बहादुर सिंह उर्फ मोनू सिंह (वाराणसी निवासी) और भोला कुमार साव (मुंगेर, बिहार निवासी) के रूप में हुई है। दोनों तस्कर मुंगेर के कुख्यात असलहा तस्कर गोविन्द साव के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। भोला, गोविन्द के कहने पर पिस्टल लेकर वाराणसी आया था, जहां उसे मोनू सिंह को हथियार सौंपने थे।

क्या-क्या मिला?

  • 4 अवैध पिस्टल (32 बोर)
  • 7 मैगजीन
  • 3 मोबाइल फोन
  • 1 टाटा जेस्ट कार

कैसे हुआ भंडाफोड़?

STF को पहले से सूचना थी कि पूर्वांचल और आसपास के इलाकों में अवैध हथियारों की तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। इस पर कार्रवाई के लिए STF की वाराणसी यूनिट ने इंटेलिजेंस नेटवर्क को एक्टिव किया। मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) ने भी जानकारी साझा की, जिससे STF को पता चला कि मुंगेर से भोला साव नाम का तस्कर हथियार लेकर वाराणसी पहुंचने वाला है। इसके बाद STF टीम ने लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के बावन बीघा रिंग रोड अंडरपास के पास दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।

कैसे जुड़ा मोनू तस्करी के धंधे से?

पूछताछ में मोनू सिंह ने खुलासा किया कि कुछ साल पहले वह वाराणसी में ट्रैवेल्स की गाड़ी चलाता था। इसी दौरान उसकी जान-पहचान राहुल सिंह नाम के एक अन्य ड्राइवर से हुई, जो मुंगेर के असलहा तस्कर गोविन्द साव से जुड़ा था। राहुल ने मोनू को असलहा बेचकर मोटा मुनाफा कमाने का तरीका बताया। बाद में दोनों मिलकर हथियारों की तस्करी करने लगे।

हालांकि, 2023 में मोनू को एक बार चंदौली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से रिहा होने के बाद उसे पता चला कि राहुल की एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके बाद मोनू ने गोविन्द साव और एक अन्य तस्कर उत्तम सिंह के साथ मिलकर फिर से तस्करी शुरू कर दी।

कैसे चलता था रैकेट?

गोविन्द साव मोनू को एक पिस्टल ₹15,000 में देता था। मोनू वही पिस्टल ₹40,000 से ₹50,000 में पूर्वांचल और बिहार की सीमा से लगे जिलों में बेचता था। गोविन्द साव पिस्टल पहुंचाने वाले लड़कों को हर चक्कर के ₹3,000 देता था। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना लालपुर-पांडेयपुर, वाराणसी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

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