Varanasi News: एयरपोर्ट पर इटली का पर्यटक सैटेलाइट फ़ोन के साथ पकड़ा गया, घंटों चली पूछताछ
Varanasi News: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार को सुरक्षा जांच के दौरान बड़ा मामला सामने आया। इंडिगो की फ्लाइट से बैंगलुरु जा रहे इटली के पर्यटक ट्रम्बेटा एलेसेंड्रो के पास से सीआईएसएफ़ ने सैटेलाइट फ़ोन बरामद किया।
भारत में सैटेलाइट फ़ोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित होने के कारण यात्री की यात्रा रद्द कर दी गई और उसे उसके दो साथियों सहित फूलपुर पुलिस को सौंपा गया।
देर रात तक पुलिस और एटीएस, क्राइम ब्रांच, एसटीएफ, आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस जैसी एजेंसियां उससे पूछताछ करती रहीं।
नेपाल में पर्वतारोहण के दौरान इस्तेमाल किया था फ़ोन
पूछताछ में पर्यटक ने बताया कि वह और उसके साथी पर्वतारोही हैं। भारत आने के बाद वे नेपाल गए थे और वहां पर्वतारोहण के दौरान उन्होंने इस फ़ोन का इस्तेमाल किया।
उन्होंने दावा किया कि उनके देश इटली में यह फ़ोन प्रतिबंधित नहीं है और उन्हें जानकारी नहीं थी कि भारत में यह गैरकानूनी है। मिली जानकारी के मुताबिक, इटली से सात सदस्यीय दल 5 अगस्त को दिल्ली आया था।
वहां से वे नेपाल गए और फिर 20 अगस्त को सड़क मार्ग से वाराणसी पहुंचे। तीन दिन वाराणसी घूमने के बाद चार पर्यटक दिल्ली लौट गए, जबकि शेष तीन लोग शनिवार शाम बैंगलुरु के लिए रवाना होने वाले थे।
बैंगलुरु से वे कोच्चि जाने वाले थे, लेकिन सुरक्षा जांच में सैटेलाइट फ़ोन पकड़े जाने पर उनकी यात्रा रोक दी गई।
भारत में सैटेलाइट फ़ोन पर सख्त रोक
गौरतलब है कि भारत में सेना और नौसेना को छोड़कर किसी भी नागरिक या पर्यटक को सैटेलाइट फ़ोन रखने की अनुमति नहीं है। खास परिस्थितियों में दूरसंचार विभाग (DoT) से अनुमति लेनी पड़ती है।
यह कोई पहला मामला नहीं है। अक्टूबर 2024 में एक अमेरिकी नागरिक, 2019 में रूसी यात्री और 2018 में चीनी पर्यटक के पास से भी सैटेलाइट फ़ोन बरामद किए गए थे। दिसंबर 2024 में भी अमेरिकी पर्यटक से ऐसा फ़ोन मिला था। सभी मामलों में फ़ोन जब्त कर यात्रियों को छोड़ दिया गया था।
अधिकारियों ने क्या कहा?
फूलपुर थाने के प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान विदेशी नागरिक से सैटेलाइट फ़ोन मिला।
पूछताछ के बाद फ़ोन जब्त कर लिया गया और यात्री को उच्च अधिकारियों के निर्देश पर छोड़ दिया गया। उन्होंने वाराणसी में इसका इस्तेमाल नहीं किया था।
रिपोर्टः मदन मुरारी पाठक

