Varanasi News: ग्रामीण विकास की असली शक्ति हमारी मातृशक्ति, महिला किसान सम्मेलन में विधायक त्रिभुवन राम का संदेश
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.
Trending
Sandesh Wahak Digital Desk: वाराणसी के मुर्दहा प्रांगण में जन विकास समिति द्वारा आयोजित “महिला किसान सम्मेलन सह सम्मान समारोह” महिला सशक्तिकरण, कृषि आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए।
मुख्य अतिथि त्रिभुवन राम ने महिला किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास की असली शक्ति हमारी मातृशक्ति है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं खेती, पशुपालन, उद्यमिता और स्वरोजगार में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
प्राकृतिक खेती, पशुपालन और लघु उद्यमों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रख रही हैं। विधायक ने महिला किसानों से सरकार की कृषि, पशुपालन और महिला कल्याण योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक स्वागत प्रस्तुति से हुआ। संस्था के निदेशक फादर चंद्रन ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों के सशक्तिकरण, प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। महिला किसानों की प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में उत्साह भर दिया।
विशिष्ट अतिथि विनोद कुमार उपाध्याय (ब्लॉक प्रमुख, हरहुआ) और राम प्रकाश सिंह (जिला अध्यक्ष, किसान मोर्चा) ने महिला किसानों की मेहनत और नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उनका सशक्तिकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
सम्मान समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों—श्रीमती संतारा, श्रीमती मीना और श्रीमती सुनीता—को सम्मानित किया गया। साथ ही प्राकृतिक संसाधन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन पर आधारित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती का प्रभावी संदेश दिया गया।
तकनीकी सत्र में कृषि विशेषज्ञों ने उपयोगी जानकारी साझा की। डॉ. गणेश कुमार गुप्ता (मृदाविज्ञान विभाग) ने प्राकृतिक खेती और पशुपालन को महिला सशक्तिकरण व आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि रौशन कुमार (सस्य विज्ञान विभाग, टी.डी. कॉलेज, जौनपुर) ने कृषि और पारिवारिक पोषण सुरक्षा में महिला किसानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का समापन फगुआ गीत की सांस्कृतिक प्रस्तुति, धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सम्मेलन में हरहुआ और पिंडरा प्रखंड सहित वाराणसी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से महिला किसान, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं और संस्था के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह सम्मेलन महिला किसानों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और कृषि नवाचार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
Get real time updates directly on you device, subscribe now.