Varanasi News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बच्चों को भेंट की बांसुरी, योगीराज भारत भूषण भारतेंदु ने सिखाया संगीत और संस्कार

Sandesh Wahak Digital Desk: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर वाराणसी के थाना गांव में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ब्रह्मर्षि योगीराज भारत भूषण भारतेंदु ने बच्चों को न केवल बांसुरी भेंट की।

बल्कि स्वयं उन्हें बांसुरी बजाने का प्रशिक्षण भी दिया। यह आयोजन उनकी प्रेरणादायक सांस्कृतिक मुहिम “हर हाथ बांसुरी, हर सांस बांसुरी” का ही एक हिस्सा था।

संगीत और संस्कार का संदेश

योगीराज भारत भूषण ने कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन में कहा,

“भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी बचपन से ही सनातन धर्म के आदर्श हैं। बलराम जी जहाँ शारीरिक शक्ति के प्रतीक हैं, वहीं श्रीकृष्ण जी मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति के प्रतीक बने। उनका जीवन संगीत, बांसुरी और साधना से जुड़ा रहा, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि बच्चों में संगीत के माध्यम से अनुशासन, ध्यान और संवेदनशीलता जैसे गुणों का विकास किया जा सकता है।

बच्चों ने सीखी बांसुरी की मधुरता

कार्यक्रम में नितेश कुमार गुप्ता, रितेश कुमार गुप्ता, हर्षित, उत्कर्ष, तेजस, ओजस और दृशा सहित कई बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने बांसुरी की बुनियादी तकनीकें सीखी और कार्यक्रम के अंत में उन्होंने मधुर धुनों का प्रदर्शन भी किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।

संस्कृति और कला को मिले प्रोत्साहन

वरिष्ठ शिक्षक नेता अश्वनी तिवारी ने इस अवसर पर कहा,

“देशभर में इस तरह के कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलना चाहिए ताकि बाल पीढ़ी में कला, योग और संस्कृति का समन्वय विकसित हो सके।”

योगीराज जी का हुआ भव्य स्वागत

वाराणसी आगमन पर योगीराज भारत भूषण का भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिकों और आयोजकों ने उनके प्रयासों को नमन करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति के संवाहक के रूप में सम्मानित किया।

रिपोर्ट- मदन मुरारी पाठक

Also Read: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सीएम योगी का संदेश, बोले– हर पुलिसकर्मी बने धर्म, कर्म और सेवा का प्रतीक

Get real time updates directly on you device, subscribe now.