बिजली चोरों पर विजिलेंस टीम का शिकंजा, मीटर बायपास कर रहे थे सप्लाई
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) की विजिलेंस टीमों ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। प्रबंध निदेशक के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक (मध्यांचल डिस्कॉम) के नेतृत्व में बनी टीमों ने लखनऊ, अमेठी और अंबेडकरनगर जिलों में छापेमारी कर कई उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते रंगे हाथों पकड़ा।
लखनऊ में सामने आए कई मामले
लखनऊ में प्रवर्तन दल लेसा-प्रथम और लेसा-द्वितीय की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में छापा मारा। लेसा-प्रथम टीम ने निरीक्षक ब्रजेश सिंह की अगुवाई में भपटामऊ थाना क्षेत्र में दो उपभोक्ताओं मोहम्मद शब्बीर और तौसीफ को बिजली मीटर को बायपास कर 5 से 7 किलोवाट तक का अवैध घरेलू उपभोग करते हुए पकड़ा। लेसा-द्वितीय टीम, प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में, इटौंजा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 4 उपभोक्ताओं को पकड़ा, जो मीटर से पहले केबिल काटकर सीधे आपूर्ति से बिजली ले रहे थे।
अमेठी में भी मिली बड़ी कामयाबी
अमेठी जिले के जामों थाना क्षेत्र में सरजू प्रसाद और हरीराम नामक उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि उन्होंने अपने परिसर में लगे मीटर को हटाकर पोल से सीधे केबिल जोड़कर बिजली की सप्लाई ली और 5-6 किलोवाट भार का उपयोग कर रहे थे।
अंबेडकरनगर में भी चोरी का मामला उजागर
अंबेडकरनगर जिले के हंसवर थाना क्षेत्र में रामनारायण नामक उपभोक्ता को पोल से केबिल जोड़कर मीटर को बायपास कर बिजली का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया। यहां भी 6 किलोवाट भार की चोरी की पुष्टि हुई।
टीम में शामिल रहे अधिकारी
इन सभी छापों में संबंधित क्षेत्रों के प्रभारी निरीक्षक, अवर अभियंता, तकनीकी स्टाफ और महिला आरक्षी शामिल रहे। सभी मामलों में विद्युत अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिजली विभाग की चेतावनी
बिजली विभाग ने स्पष्ट कहा है कि विद्युत चोरी राजस्व की हानि के साथ-साथ बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी भार डालती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन लें और किसी भी प्रकार की चोरी से बचें। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि आगे भी इस तरह के निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।

