बायोमेट्रिक उपस्थिति थोपने और अतिरिक्त काम के विरोध में कुशीनगर के ग्राम सचिवों का धरना, सौंपा ज्ञापन

कप्तानगंज (कुशीनगर): उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के प्रांतीय संगठन के आह्वान पर शुक्रवार को कप्तानगंज विकास खंड परिसर में ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों ने शांतिपूर्वक धरना दिया। धरने के बाद, कर्मचारियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश के नाम का एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी (BDO) को सौंपा।

विरोध के प्रमुख कारण

ग्राम सचिवों का यह धरना मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों के विरोध में केंद्रित था।

बायोमेट्रिक उपस्थिति (Biometric Attendance) प्रणाली का विरोध।

बिना किसी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए, मूल विभागीय दायित्वों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्यों का बोझ थोपा जाना।

‘निरर्थक’ बायोमेट्रिक का विरोध

ग्राम पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष लल्लन यादव ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों का कार्य क्षेत्र विशेष रूप से ग्रामीण और फील्ड-आधारित होता है। ऐसे में किसी एक निश्चित स्थान पर आकर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना ‘निरर्थक और समय की बर्बादी’ है।

उन्होंने मांग की कि बिना सुविधा दिए मूल कार्य के अलावा अन्य कार्यों की जिम्मेदारी न थोपी जाए। उन्हें बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से बाहर रखा जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका शांतिपूर्वक विरोध जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान कन्हैया मौर्या, मुन्न लाल विश्वकर्मा, आशा रानी गुप्ता, संतोष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट : राघवेंद्र मल्ल

 

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