मीटर लगाने को लेकर ग्रामीणों ने काटा बवाल, लाठीचार्ज और पथराव में 12 घायल
Sandesh Wahak Digital Desk: आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र के मदरा गांव में शनिवार को उस वक्त बवाल मच गया, जब बिजली चोरी रोकने गई टोरंट पावर और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। टीम के साथ मौजूद पुलिस को हालात संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस झड़प में दो दरोगा समेत करीब 12 लोग घायल हो गए।
मीटर लगाने को लेकर नाराज थे ग्रामीण
दरअसल, गांव में लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनज़र टोरंट पावर और दक्षिणांचल की टीम पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंची थी, ताकि ग्रुप मीटर लगाए जा सकें। टीम जैसे ही काम शुरू करने लगी, ग्रामीणों ने विरोध जताया। देखते ही देखते बहस झगड़े में बदल गई और फिर पथराव शुरू हो गया। पथराव में टोरंट टीम के प्रेम सिंह, धनवीर सिंह, मोहम्मद अमीन और पुलिस के उप निरीक्षक कुलदीप कुमार व करण सिंह घायल हो गए। साथ ही गांव के करीब सात लोगों को भी चोटें आई हैं।

बिना सहमति लगाए जा रहे थे मीटर: ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग जबरन मीटर लगाने पहुंच गया, जबकि रविवार को अधिकारियों के साथ बातचीत तय थी। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीटर लगाने का खर्च उपभोक्ताओं से ही वसूला जा रहा था। विरोध करने पर पुलिस ने लाठियां बरसा दीं और लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस की मार से निरंजन सिंह (60), उनकी पत्नी ममता, गजेंद्र, रनुआ और विष्णु समेत कई लोगों को चोटें आई हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पुलिस घायलों को मेडिकल सुविधा तक नहीं दे रही।
100 से ज्यादा ग्रामीणों पर दर्ज हुआ केस
घटना के बाद विद्युत विभाग की ओर से थाना बमरौली कटारा में 100 से ज्यादा ग्रामीणों के खिलाफ हमला करने की तहरीर दी गई है। पुलिस ने सभी घायल कर्मचारियों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है। मामले की जानकारी मिलते ही भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) और अन्य संगठन के प्रतिनिधि गांव पहुंच गए। पूर्वी डीसीपी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि हमला करने वालों की पहचान की जा रही है। जिन लोगों ने कानून हाथ में लिया है, उन्हें चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा।

