चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, कहा- अगर गलत मंशा से नाम कटा, तो सीधे SDM पर दर्ज हो FIR
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में इन दिनों चल रहे मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कड़े शब्दों में मांग की है कि मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को बख्शा न जाए और उन पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो।
चंद्रशेखर आजाद ने अपने पत्र में चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न इलाकों से ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि प्रशासन ‘फर्जी तरीके’ से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही, तो चुनावी निष्पक्षता और लोकतंत्र पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा।
सांसद की प्रमुख मांगें
सार्वजनिक हो सूची: बूथ स्तर पर जिन भी लोगों के नाम काटे गए हैं, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए।
कारण बताना जरूरी: सिर्फ नाम काटना काफी नहीं, प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना होगा कि नाम ‘क्यों विलोपित’ किया गया है।
वोटर को मिले सूचना: जिस नागरिक का नाम कटा है, उसे समय रहते सूचना दी जाए ताकि वह कानूनी सुधार के लिए कदम उठा सके।
अधिकारियों पर हो सीधी कार्रवाई
सांसद चंद्रशेखर ने सबसे तीखा हमला प्रशासनिक जवाबदेही पर बोला है। उन्होंने मांग की है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर नाम काटने में धांधली या दुर्भावना पाई जाती है, तो उस क्षेत्र के उप-जिलाधिकारी (SDM) या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के खिलाफ अनिवार्य रूप से FIR दर्ज की जानी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे मनमानी करना बंद नहीं करेंगे।

