‘PDA का वोट चाहिए, लेकिन टिकट देंगे परिवार और उद्योगपति को’, मायावती का सपा पर हमला
UP Politics: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा खुद को PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की पार्टी बताती है, लेकिन टिकट वितरण में परिवारवाद और बड़े पूंजीपतियों को प्राथमिकता देती है।
मायावती ने कहा कि बसपा किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में अपने परिवार, सगे-संबंधियों या भाई-भतीजों को टिकट देने की नीति नहीं अपनाती। उनके मुताबिक पार्टी गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों से आने वाले कर्मठ अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं को चुनाव में उतारती है।
रामगोपाल यादव की उम्मीदवारी पर सवाल
बसपा प्रमुख Mayawati ने सपा के राज्यसभा उम्मीदवार रामगोपाल यादव (Ram Gopal Yadav) की उम्मीदवारी को परिवारवाद से जोड़कर निशाना साधा। रामगोपाल यादव सपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के चाचा हैं। उन्होंने 30 सितंबर को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था।
मायावती ने कहा कि सपा को PDA का वोट चाहिए, लेकिन सांसद और विधायक बनाने के लिए परिवार के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने इसे सपा की राजनीति में कथित दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।
धनराज नाथवानी की उम्मीदवारी पर भी हमला
सपा ने रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नाथवानी (Dhanraj Parimal Nathwani) को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कॉरपोरेट अधिकारी हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं।
मायावती (Mayawati) ने नाथवानी की उम्मीदवारी को बड़े उद्योग जगत से जुड़े व्यक्ति को टिकट देने के तौर पर पेश करते हुए सपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सपा PDA के समर्थन की राजनीति करती है, वहीं दूसरी तरफ उम्मीदवारों के चयन में परिवार और पूंजीपतियों को जगह देती है।
तीसरे उम्मीदवार पर भी तंज
मायावती ने सपा के संभावित तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि यह पहले की तरह केवल फेस सेविंग (Face Saving) और चुनाव हारने के लिए किया गया प्रयास हो सकता है।
Mayawati ने अपने बयान को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2027) से भी जोड़ा। उन्होंने दलित, आदिवासी, अति-पिछड़े, मुस्लिम, अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक और गरीब अपरकास्ट समाज के लोगों से बसपा से जुड़ने की अपील की।

