बरेली में बढ़ा नदियों का जलस्तर, प्रशासन ने जारी की बाढ़ की चेतावनी

कई बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद रामगंगा सहित 6 नदियों के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा

Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। किच्छा, पश्चिमी बहगुल, दोजोडा, रामगंगा, पूर्वी बहगुल और देवहा नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी है। इन नदियों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नदियों में क्यों बढ़ा जलस्तर?

बाढ़ नियंत्रण खंड की रिपोर्ट के अनुसार, गौला बैराज काठगोदाम से किच्छा नदी में 55,000 क्यूसेक से ज़्यादा पानी छोड़ा गया है। इससे किच्छा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर बह रहा है। इसके साथ ही, पीलीभीत में दूनी बैराज से देवहा नदी में 41,000 क्यूसेक और नानक सागर डैम से 17,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामपुर से आने वाली कोसी नदी में भी 19,000 क्यूसेक पानी बह रहा है, जो रामगंगा नदी में मिल रहा है। इन सभी कारणों से नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। आज सुबह 8 बजे रामगंगा नदी का जलस्तर 159.690 मीटर दर्ज किया गया।

इन इलाकों में है खतरा

जिन तहसीलों में बाढ़ का खतरा सबसे ज़्यादा है, उनमें बहेड़ी (किच्छा नदी), मीरगंज (पश्चिमी बहगुल और दोजोडा), आंवला, सदर और फरीदपुर (रामगंगा), और नवाबगंज (देवहा नदी) शामिल हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। जिलाधिकारियों और उपजिलाधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नज़र रखने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

Also Read: यूपी में स्मार्ट मीटर घोटाला, लाखों का चूना लगाने का आरोप, 4 पर FIR दर्ज

Get real time updates directly on you device, subscribe now.