हिंसा और डर का दौर अब होगा खत्म, मुख्य चुनाव आयुक्त ने बंगाल के मतदाताओं को दिया बड़ा भरोसा

Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) एक्शन मोड में है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर बंगाल की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मतदाताओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर स्थिति स्पष्ट की।

CEC ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के हर मतदाता को सीधा संदेश देते हुए कहा, आयोग आपको विश्वास दिलाता है कि आगामी चुनाव पूरी तरह हिंसा और डर से मुक्त वातावरण में होंगे। आप बिना किसी चिंता के भारी संख्या में वोट डालने बाहर निकलें। उन्होंने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया में लगे हर अधिकारी को कड़ाई से नियमों का पालन करना होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की शिकायतों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने विस्तार से जानकारी दी।

अंतिम सूची: 28 फरवरी को बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें कुल 7 करोड़ 8 लाख मतदाता शामिल हैं।

अमान्य मामले: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पाया गया कि करीब 4-5% वोटरों का डेटा साल 2002 की लिस्ट से मेल नहीं खा रहा था।

संदिग्ध त्रुटियां: लगभग 7-8% वोटरों ने खुद मिलान किया था, लेकिन उनमें कई गलतियां या संदिग्ध जानकारियां पाई गईं। आयोग का लक्ष्य है कि कोई पात्र व्यक्ति छूटे नहीं और कोई अपात्र लिस्ट में घुसे नहीं।

न्यायपालिका की निगरानी में काम

ज्ञानेश कुमार ने बताया कि विचाराधीन नामों और पात्रता की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की देखरेख में की जा रही है। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है, जो अनुच्छेद 326 के तहत मतदाताओं की पात्रता पर अंतिम निर्णय ले रहे हैं।

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