‘जब सब कुछ विदेश से ही आएगा, तो देश का किसान क्या उगाएगा?’ अखिलेश यादव का केंद्र पर वार

Sandesh Wahak Digital Desk: संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर ‘भेदभाव की राजनीति’ करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल विकास में बल्कि न्याय देने के मामले में भी भेदभाव करती है। अखिलेश यादव ने खास तौर पर अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील और किसानों के हालातों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

विदेशी डील से देश के किसान को क्या मिला?

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अमेरिका के साथ जो नई डील हुई है, उससे भारतीय खेती और किसानी को भारी नुकसान होने वाला है। उन्होंने पूछा- “जब सब कुछ विदेश से आयात होकर आएगा, तो हमारे किसान की उपज का क्या होगा? क्या उसे अपनी फसल की सही कीमत मिल पाएगी?” सपा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि भाजपा देश का पूरा बाजार विदेशियों के हाथों में सौंप रही है, जो पहले ‘तीन काले कानूनों’ के जरिए भी करने की कोशिश की गई थी।

किसान के घर-परिवार पर पड़ेगा सीधा असर

अखिलेश यादव ने किसान की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई भावनात्मक सवाल दागे। उन्होंने कहा कि अगर किसान की कमाई रुकेगी तो वह अपना घर कैसे चलाएगा और बच्चों को कैसे पढ़ाएगा? घर के बुजुर्गों का इलाज कैसे होगा? वह अपनी बेटियों को हंसी-खुशी विदा कैसे कर पाएगा? भविष्य के लिए दो पैसे कैसे बचा पाएगा?

उन्होंने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचाकर कोई भी सरकार ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकती। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर विदेशी कंपनियों के सामने देश के हितों का समर्पण करने की उसकी क्या मजबूरी है?

‘बिचौलियों की सोच वाली है भाजपा’

अखिलेश यादव ने भाजपा की सोच को ‘कमीशनखोरी’ वाली सोच करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भूमि अधिग्रहण के नाम पर जमीन हड़पना चाहती है, तो कभी कानूनों के जरिए किसानों को संकट में डालती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई सोच उत्पादक की नहीं, बल्कि बिचौलियों वाली है जो सिर्फ अपना पेट भरना जानते हैं।

अंत में उन्होंने नारा देते हुए कहा कि आज का किसान कह रहा है- “नहीं चाहिए भाजपा! भाजपा जाएगी, तभी खेती-बाड़ी बच पाएगी।”

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