यूपी के 120 रोडवेज डिपो में कब शुरू होगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम

Sandesh Wahak Digital Desk:  परिवहन निगम मुख्यालय में तैनात अफसरान की मनमानी कार्यशैली पर रोक लगाने के लिए प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था शुरू कर दी। रोडवेज मुख्यालय में बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था शुरू हुए 2 दिन बीत चुके है। ऑनलाइन अटेंडेंस शुरू होने के बाद बदली व्यवस्था को लेकर अफसरों में फुसफुसाहट शुरू हो गयी है।

प्रबंध निदेशक ने रोडवज मुख्यालय पर तैनात अफसरों और कर्मचारियों के दफ्तर लेट आने की शिकायतों से निपटने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी। जो अधिकारी या कर्मचारी दफ्तर लेट आएंगे, उनका वेतन कटेगा। सुबह 9:30 बजे आने और शाम 6 बजे जाते क्या अफसर, क्या कर्मचारी, अधिकतर राइट टाइम नजर आये।

भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश

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प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह ,सेन्ट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ

सेंटरल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह ने इस कदम की सराहना की है। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस की मांग वे काफी पहले से करते आ रहे थे। उन्होंने कहा,

“इस सिस्टम से अधिकारियों की मनमानी और फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी। खासकर संविदा कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी नहीं देने की वजह से जो अन्याय होता है, वो रुकेगा।” बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को बहुत ही सराहनीय पहल बताते हुये कहा कि परिवहन निगम में बढ़ते भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगेगी। मेरे द्वारा करीब 10 पूर्व प्रबंध निदेशक को बायोमेट्रिक अटेंडेंस का प्रस्ताव दिया गया था। जसवंत सिंह ने अपने द्वारा दिए गये प्रस्ताव का हवाला देते हुये कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर कार्मिको को शासित हो कर समय के साथ दवाव होगा। उन्होंने कहा कि अगर बायोमेट्रिक सिस्टम परिवहन मुख्यालय में लागू हुआ है तो यह पूरे 120 डिपों में भी लागू होना चाहिये। जब नियनित और संविदा चालक-परिचालक ड्यूटी करने आते है, पूरे दिन ड्यूटी जाने का इंतज़ार करते रहते है। उन्हें किसी रजिस्टर पर न ही हस्ताक्षर कराया जाता है और न ही उपस्तिथि दी जाती है। ऐसे में कर्मचारियों का मानक के अनुसार दिवस और किलोमीटर पूरा नहीं होता है। संविदा कर्मियों का फिक्सेशन से नाम कट रहा है। जो भ्रष्टाचारी लोग है, समय से न आकर फर्जी रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर हाजिरी ले रहे हैं ,इस पर रोक लगेगी। हाल में फर्जी हस्ताक्षर बना कर हाजिरी लेने में लखनऊ में कई मामले सामने भी आये है। जब बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम प्रदेश के हर डिपो और कार्यशालाओं में लग जायेगा तो पता चल जायेगा कि कर्मचारी कब आया, कितना समय बीत जाने के बाद बस कार्यशाला से मार्ग पर गयी। बस कार्यशाला में क्यों खड़ी रही, संविदा चालक परिचालकों को समय से ड्यूटी न देने के नाम पर लॉन्ग अनुपस्तिथि के आधार पर जुरमाना लगाना और सेवा से पृथक कर दिया जाता है। जसवंत सिंह ने मुख्य रूप से कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम से तमाम भ्रष्टाचारों पर लगाम लगेगा। जब कोई अधिकारी या कर्मचारी समय से नहीं आता तो सिर्फ तनख्वा काटना ही नहीं ,उचित कार्यवाही भी की जाये। इससे बसों के संचालन में बहुत ममद मिलेगी। फर्जी उपस्तिथि और अनुपस्तिथि पर रोक लगेगी।

पीआरओ ने दी जानकारी

परिवहन निगम के जनसंपर्क अधिकारी अमरनाथ सहाय ने जानकारी दी कि फिलहाल बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम सिर्फ मुख्यालय में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा,

“प्रबंध निदेशक के निर्देश पर मुख्यालय में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शुरू हो चुका है, प्रदेश के डिपो में बायोमेट्रिक सिस्टम अभी लागू नहीं किया गया है। जैसे ही प्रबंध निदेशक द्वारा निर्देश होंगे ऑनलाइन ऑनलाइन सिस्टम शुरू कर दिये जायेंगे।”

 

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