लखनऊ के डिफॉल्टर बिल्डरों से अफसर कब वसूलेंगे 114 करोड़!

निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़पने पर आरसी जारी होने के बावजूद बकाया वसूली की रफ्तार सुस्त

Sandesh Wahak Digital Desk: सीएम योगी का कहना है कि बिल्डरों के साथ दोस्ती निभाने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बावजूद तमाम ऐसे दागी बिल्डर हैं, जिनका गोरखधंधा अफसरों के संरक्षण पर लम्बे समय से जारी है।

तभी रियल स्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) प्रदेश के निवेशकों से आशियाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ अरबों की आरसी तो जारी करता है। वसूली के नाम पर वादे सिर्फ कोरे किये जाते हैं। सटीक उदाहरण लखनऊ है। जहां सूबे के मुखिया बैठते हैं। दो सौ करोड़ का बकाया वसूला नहीं जा सका है।

सिर्फ राजधानी के बिल्डरों से बकाये की वसूली के लिए शिकायतों और मुकदमों के बाद यूपी रेरा ने दो हजार से अधिक आरसी पूर्व में जारी की थीं। जो मुकाम तक नहीं पहुंची हैं। बिल्डरों के ऊपर यूपी रेरा की आरसी के मुताबिक 194 करोड़ की रकम बकाया है। पूर्व में 80 बिल्डरों के खिलाफ प्रशासन ने रिकवरी नोटिस भी जारी की थी। सिर्फ 80 करोड़ की रकम ही सरकारी खजाने में डिफॉल्टर बिल्डरों से वसूल कर जमा की जा सकी है। वहीं 114 करोड़ का बकाया बिल्डरों पर शेष है।

17 करोड़ का बकाया बरकरार

अफसरों के मुताबिक अंसल एपीआई का मामला एनसीएलएटी में लंबित होने के कारण वसूली प्रक्रिया बाधित है। सहारा समूह से भी दस करोड़ से ज्यादा की रकम वसूला जाना अधर में है। तुलसियानी समूह के ऊपर 50 करोड़ से ज्यादा की देनदारी के बावजूद पैसा वसूला नहीं जा सका है। हालांकि पूर्व में इस धोखेबाज समूह के कई खाते जिला प्रशासन ने सीज किये थे। वहीं राजधानी के पॉश हजरतगंज में नजूल की जमीन पर अपार्टमेंट खड़ा करने वाले चर्चित बिल्डर यजदान को भी कई नोटिसें जारी होने के बावजूद 17 करोड़ का बकाया बरकरार है।

इसी तर्ज पर भगोड़े राशिद नसीम के शाइन  इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड पर भी पांच करोड़ से अधिक का बकाया लम्बे समय से कायम है। हालांकि इस समूह ने अनगिनत निवेशकों का भरोसा तोड़ते हुए उनकी गाढ़ी कमाई हड़प कर रखी है।

एलडीए-आवास विकास भी देनदार

बकाया वसूलने की फेहरिस्त में सरकारी महकमें भी शामिल हैं। एलडीए पर भी नौ करोड़ से अधिक  देनदारी बकाया है। वहीं उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को भी करीब सात करोड़ की बकाएदारी प्रशासन को अदा करना है।

प्रशासन हुआ सख्त, बैंक खाते होंगे सीज

लखनऊ जिला प्रशासन ने एक बार फिर बकायेदार बिल्डरों पर सख्ती करने का खाका खींचा है। प्रशासन ने सभी बिल्डरों को मार्च तक बकाया जमा करने की चेतावनी जारी की है। जमा नहीं करने कर लखनऊ प्रशासन बिल्डर फर्मों के बैंक खाते सीज कर वसूली करेगा। एडीएम वित्त/राजस्व राकेश कुमार की तरफ से सभी एसडीएम को निर्देश जारी किये गए गए हैं।

लग्जरी प्रोजेक्टों से हो रही भारी कमाई

अधिकांश बिल्डरों के लग्जरी प्रोजेक्ट सुल्तानपुर रोड स्थित सुशांत गोल्फ सिटी में भी हैं। यहां डिफॉल्टर बिल्डर करोड़ों के फ़्लैट और प्लॉट बेचकर मोटी कमाई को अंजाम दे रहे हैं। इसमें बिल्डर अनिल तुलसियानी का नाम प्रमुख है। मनीलांड्रिंग के खेल में ईडी ने इस बिल्डर को पूर्व में पकड़ा था। ऐसे में इन प्रोजेक्टों पर भी ताला भी लटकाना चाहिए।

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