फर्जी डिग्रियां बेचने वाली मोनाड यूनिवर्सिटी की मान्यता कब होगी निरस्त, खपाया गया है बाइक बोट घोटाले का काला धन

Sandesh Wahak Digital Desk/Manish Srivastava: यूपी में फर्जी डिग्री और मान्यता के रैकेट में शामिल माफियाओं के हाथ बड़े लम्बे हैं। नौकरशाही से लेकर एजेंसियां तक इनके आगे मानो नतमस्तक हैं।

हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी के ऊपर तीन साल में पांच लाख फर्जी डिग्री बेचने के गंभीर आरोप हैं। चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा को एसटीएफ ने भले सलाखों के पीछे पहुंचाकर सबसे बड़े डिग्री सिंडिकेट पर प्रहार किया। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) से लेकर प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग अभी भी मोनाड यूनिवर्सिटी और उसके संचालकों पर सख्त कार्रवाई नहीं कर सका है।

मोनाड यूनिवर्सिटी में सबसे बड़ा फर्जी डिग्री कांड बेनकाब

हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में उत्तर भारत का सबसे बड़ा फर्जी डिग्री काण्ड बेनकाब हुआ था। हापुड़ डीएम अभिषेक पांडेय ने 19 मई को शासन को मोनाड यूनिवर्सिटी की मान्यता निरस्त करने संबंधी पत्र भेजा था। बावजूद इसके, अभी तक इस दागी यूनिवर्सिटी की मान्यता निरस्त नहीं की गयी। सूत्रों के मुताबिक उच्च शिक्षा परिषद की जांच इस मामले में खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बाइक बोट घोटाले के प्रमुख आरोपी रहे मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र हुड्डा ने इस संस्थान में करोड़ों की काली कमाई भी खपाई है। नौ राज्यों से जुड़े डिग्री काण्ड के हीरो विजेंद्र को पूर्व में जमानत कैसे मिली और ये जालसाज चेयरमैन कैसे बना।

ED Raid

ये ऐसे सवाल हैं। जो सिस्टम को बेनकाब करते हैं। घोटाले में सौ से ज्यादा केस के आरोपी विजेंद्र के ऊपर ईडी भी मेहरबान है। घोटाले की जांच के दौरान लखनऊ में बैठे ईडी के अफसरों के ऊपर मैनेजमेंट के आरोपों के बाद जांच दिल्ली स्थानांतरित हो गयी थी। बाकायदा ईडी ने नोएडा से एक दलाल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद आरोपियों से पैसा लेकर उन्हें क्लीन चिट देने का पर्दाफाश हुआ। माना जा रहा है कि मोनाड में हुड्डा ने सौ करोड़ की काली कमाई खपाई है। ईडी की सुस्ती से जांच फाइलों में जारी है।

राजभवन का कोई लेना-देना नहीं : अपर मुख्य सचिव

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव सुधीर एम बोबडे ने कहा कि मोनाड यूनिवर्सिटी की मान्यता निरस्त करना राजभवन का काम नहीं है। इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है।

शासन से पत्र का जवाब नहीं आया: डीएम हापुड़

हापुड़ के डीएम अभिषेक पांडेय ने कहा कि पूर्व में मोनाड विवि की मान्यता खत्म करने के लिए पत्र शासन को भेजा था। लेकिन अभी तक उसका कोई जवाब नहीं आया है।

उच्च शिक्षा निदेशक भी चुप

उच्च शिक्षा निदेशक अमित भारद्वाज ने कहा कि मोनाड विवि के मामले से हमारा भी लेनादेना नहीं है। आप उच्च शिक्षा परिषद और राजभवन के अफसरों से इस संबंध में पूछिए। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल को कई बार फोन किया गया, उन्होंने नहीं उठाया।

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