बाढ़ के बाद सबसे पहले कौन सी बीमारियां फैलती हैं? जानिए लक्षण, इलाज और सावधानियां
Sandesh Wahak Digital Desk: देश के कई राज्यों में इस समय बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है। उत्तर प्रदेश समेत कई हिस्सों में हालात गंभीर हैं। बाढ़ न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त करती है, बल्कि इसके बाद कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। गंदगी, गंदे पानी का संपर्क और मच्छरों का प्रकोप स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं।
बाढ़ के बाद बढ़ने वाली बीमारियां
वाराणसी के चिकित्सक डॉ. प्रशांत पाण्डेय के अनुसार, बाढ़ के बाद सबसे ज्यादा खतरा पानी से फैलने वाली बीमारियों का होता है। इनमें डायरिया, हैजा, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस और स्किन इंफेक्शन जैसी समस्याएं आम हैं। दूषित पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस शरीर पर सीधा असर डालते हैं।
- डायरिया और हैजा: गंदा पानी पीने या भोजन के दूषित होने से फैलते हैं। इनके लक्षणों में लगातार दस्त, उल्टी, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन शामिल हैं।
- टाइफाइड: संक्रमित पानी और भोजन से फैलता है। लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी और पेट में दर्द दिखाई देते हैं।
- डेंगू और मलेरिया: पानी के जमाव से मच्छरों की संख्या बढ़ती है। डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर पर चकत्ते आते हैं, जबकि मलेरिया में ठंड लगना और बुखार बार-बार आना मुख्य लक्षण हैं।
- लेप्टोस्पायरोसिस: यह बीमारी गंदे पानी में मौजूद बैक्टीरिया से होती है। इसमें तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और आंखों में लालिमा दिखती है।
- त्वचा रोग: लगातार गंदे पानी के संपर्क से स्किन इंफेक्शन, फोड़े-फुंसी और खुजली की समस्या हो सकती है।
बचाव के उपाय
डॉ. पाण्डेय का कहना है कि बाढ़ के बाद सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
- केवल उबला हुआ या फिल्टर किया पानी पिएं।
- खुले में रखे भोजन से बचें और ताजा खाना ही खाएं।
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- अगर लगातार बुखार, दस्त या उल्टी हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।
- बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान दें क्योंकि उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बाढ़ के बाद लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
रिपोर्ट- मदन मुरारी पाठक
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