ट्रंप से मध्यस्थता किसने मांगी? राहुल गांधी का जयशंकर से तीखा सवाल

Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर सीधा निशाना साधते हुए देश की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की कूटनीति पूरी तरह चरमरा गई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति कमजोर होती जा रही है।

राहुल गांधी ने कांग्रेस द्वारा साझा किए गए एक वीडियो को टैग करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, क्या जेजे (एस जयशंकर) यह बता पाएंगे कि बार-बार भारत को पाकिस्तान के साथ क्यों जोड़ा जा रहा है? पाकिस्तान की आलोचना के वक्त कोई भी देश भारत के साथ खड़ा क्यों नहीं होता? और किसने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की मांग की थी?

कांग्रेस ने लगाया आरोप

राहुल का यह बयान उस समय आया है जब ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी बहस चल रही है। कांग्रेस का आरोप है कि इस सैन्य कार्रवाई से पहले जयशंकर ने पाकिस्तान को संकेत देकर भारत की रणनीतिक बढ़त को कमजोर कर दिया। पार्टी ने यहां तक कह दिया कि विदेश मंत्री अब एक राष्ट्रीय बोझ बन चुके हैं और उनकी भूमिका की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

इस विवाद की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी है, जिसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच 8 से 10 मई तक सीमा पर ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जो अंततः 10 मई को युद्धविराम पर जाकर रुके।

ट्रंप की मध्यस्थता पर उठ रहे हैं सवाल

दिलचस्प बात यह रही कि उसी दिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह युद्धविराम वाशिंगटन की मध्यस्थता से संभव हुआ है। इस बयान ने भारतीय राजनीति में एक नया बवंडर खड़ा कर दिया।

जहां कांग्रेस एस. जयशंकर की आलोचना करते हुए उन्हें “नए दौर का जयचंद” बता रही है, वहीं भाजपा ने राहुल गांधी को “आधुनिक मीर जाफर” कहकर पलटवार किया है। दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर कटाक्ष, मीम और आरोप-प्रत्यारोप की बाढ़ आ गई है।

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