पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को उनकी औकात क्यों दिखाई गई, बृजभूषण सिंह ने दिया बड़ा बयान
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार बंद के दौरान पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को राहुल गांधी की गाड़ी पर चढ़ने से रोकने का मामला गरमाया हुआ है। इस पर बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह का एक बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को गाड़ी पर न चढ़ने देना एक सोची-समझी रणनीति थी।
गुरुवार को गोंडा में मीडिया से बात करते हुए बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को जानबूझकर धक्का दिया गया ताकि हार का ठीकरा उन्हीं पर फोड़ा जा सके और यह कहा जाए कि वे भी दोषी हैं। उन्होंने आगे कहा कि पप्पू यादव की एक-दो लोकसभा सीटों पर मजबूत पकड़ है, जबकि कन्हैया कुमार टुकड़े-टुकड़े गैंग की पैदाइश हैं। सिंह के मुताबिक, इसीलिए उनकी हैसियत बताई गई है।
बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव राज परिवार से आते हैं। एक खुद को हिंदुस्तान का राजा मानता है तो दूसरा बिहार का। ऐसे में वे कन्हैया कुमार और पप्पू यादव को बिहार में आगे क्यों बढ़ने देंगे?
बिहार में हार मान चुके हैं राहुल-तेजस्वी
बीजेपी नेता ने दावा किया कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने हार मान ली है। उन्होंने कहा, वे अभी से इसकी तैयारी कर रहे हैं कि बीजेपी और नीतीश कुमार पर आरोप कैसे लगाए जाएं। बृजभूषण शरण सिंह ने जोर देकर कहा कि बिहार में उनकी हार निश्चित है, और इसी वजह से उन्होंने अभी से चुनाव आयोग पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है।
मतदाता सूची पर भी विपक्ष को घेरा
बिहार में चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (special intensive revision) के सवाल पर बीजेपी नेता ने कहा कि मतदाता सूची का परीक्षण हर चुनाव से पहले होता है। कितने लोगों की मौत हुई है और कितने नए नाम जुड़े हैं, यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है और पूरे देश में ऐसा होता है। उन्होंने कहा, विपक्ष इसे इसलिए मुद्दा बना रहा है क्योंकि उन्हें पता है कि बीजेपी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमारी सरकार बनने वाली है, इसलिए वे अभी से डैमेज कंट्रोल कर रहे हैं। अंत में उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, राहुल गांधी पर बात करने में मुझे शर्म आती है। उनकी मौजूदगी में ‘चुनाव आयोग मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगते हैं।
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