राजवीर को अंतिम सलाम, लेफ्टिनेंट कर्नल पत्नी की आंखों में आंसू, सीने से लगाई पति की तस्वीर
Sandesh Wahak Digital Desk: केदारनाथ में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर सिंह चौहान को मंगलवार को जयपुर में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जब उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका चौहान ने पति की तस्वीर को सीने से लगाकर “राजवीर सिंह अमर रहें” के नारों के बीच अंतिम यात्रा का नेतृत्व किया, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
शास्त्री नगर स्थित उनके घर के बाहर, तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह को सलामी दी गई। बड़ी संख्या में लोग, जिनमें परिवारजन, सेना के अधिकारी, मित्र और स्थानीय नागरिक शामिल थे, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। राजस्थान सरकार के सैनिक कल्याण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सेना से लेकर आकाश तक, सेवा में जीवन समर्पित
राजवीर सिंह ने भारतीय सेना में 15 वर्षों तक बहादुरी और निष्ठा से सेवा दी। सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा और अक्टूबर 2024 में आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड में बतौर पायलट सेवा देना शुरू किया। वे 15 जून को केदारनाथ से गौरीकुंड यात्रियों को लेकर लौट रहे थे, जब खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण बेल-407 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वे और छह अन्य यात्रियों ने अपनी जान गंवा दी।
शौर्य की कहानी, श्रद्धांजलि की गूंज
राजवीर सिंह की शहादत केवल एक दुखद दुर्घटना नहीं, बल्कि उस अद्भुत समर्पण और साहस की कहानी है जो हर सैनिक के दिल में बसती है। उनकी पत्नी दीपिका, जो स्वयं भारतीय सेना की अधिकारी हैं, ने जिस साहस और संयम के साथ अपने पति को अंतिम विदाई दी, उसने पूरे देश को भावुक कर दिया।
यह घटना हमें एक बार फिर याद दिलाती है कि देश के ये सपूत हर मोर्चे पर हमारी सुरक्षा और सेवा में तत्पर रहते हैं चाहे वह युद्ध का मैदान हो या आपदा में फंसे नागरिकों की मदद। राजवीर सिंह चौहान जैसे वीरों को यह राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। वे न केवल अपने परिवार के, बल्कि पूरे भारतवर्ष के गर्व हैं।
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