क्या खत्म होगा इजरायल का संघर्ष विराम? हिजबुल्लाह और हमास को लेकर बढ़ी अनिश्चितता…
Sandesh Wahak Digital Desk: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष विराम की समय सीमा मंगलवार को समाप्त होने के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इजरायल की सेना ने साफ कर दिया है कि उसके सैनिक दक्षिणी लेबनान के पांच रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगे। इस फैसले पर लेबनान सरकार ने कड़ी नाराजगी जताई है। वहीं, गाजा पट्टी में भी संघर्ष विराम को लेकर अनिश्चितता बरकरार है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल इस मुद्दे पर अलग-अलग संकेत दे रहे हैं।
इजरायल पर भरोसा नहीं: लेबनान राष्ट्रपति
संघर्ष विराम के तहत इजरायल को दक्षिणी लेबनान के बफर जोन से हटना था, और इस क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेबनानी सेना और संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों को दी जानी थी। हालांकि, इजरायली सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा कि इजरायल “सही और क्रमिक तरीके से अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए” वापसी करेगा। दूसरी ओर, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने चेतावनी देते हुए कहा कि “इजरायली दुश्मन पर भरोसा नहीं किया जा सकता” और संघर्ष विराम का सख्ती से पालन होना चाहिए।
हिजबुल्लाह ने दी चेतावनी
हिजबुल्लाह के वरिष्ठ नेता नईम कासिम ने रविवार को स्पष्ट किया कि मंगलवार के बाद किसी भी तरह की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि इजरायल पीछे नहीं हटता है, तो उनकी तरफ से जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
हमास के हमले के बाद बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद हिजबुल्लाह ने भी इजरायल पर रॉकेट, ड्रोन और मिसाइलें दागनी शुरू कर दी थीं। यह संघर्ष सितंबर 2023 में पूर्ण युद्ध में तब्दील हो गया था। अब, संघर्ष विराम की अनिश्चितता और दोनों पक्षों के बढ़ते तनाव से क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बनने की आशंका बढ़ गई है।
क्या फिर से भड़क सकता है युद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो संघर्ष विराम पूरी तरह खत्म हो सकता है और एक नया युद्ध छिड़ सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि कूटनीतिक प्रयास इस संकट को सुलझा पाते हैं या हालात और बिगड़ते हैं।
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