कांवड़ यात्रा के दौरान शराब की दुकानें बंद रहेंगी या नहीं? आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने साफ किया फैसला

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में इस साल सावन की कांवड़ यात्रा को लेकर सरकार ने कई तैयारियाँ की हैं। इसी बीच राज्य के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने मंगलवार को एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शराब की दुकानें बंद रहेंगी या नहीं, इसका फैसला जिलों के डीएम यानी जिलाधिकारी अपने विवेक से लेंगे। सभी ज़िलों को इस संबंध में निर्देश भेजे जा चुके हैं।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ स्थानों पर शराब की बिक्री पर पर्दा डालकर भी व्यवस्था की जा सकती है, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों और कानून-व्यवस्था भी बनी रहे।

मीट और शराब की दुकानों को लेकर क्या है नीति?

योगी सरकार ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि कांवड़ मार्ग पर सभी मीट और पोल्ट्री (मुर्गा) की दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि, शराब की दुकानों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब मंत्री नितिन अग्रवाल के बयान से यह साफ हो गया है कि शराब की दुकानें पूरी तरह बंद होंगी या नहीं, यह जिला प्रशासन की स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित होगा।

अब यूपी में शराब उद्योग बनेगा निवेश का बड़ा केंद्र

  • कांवड़ यात्रा से हटकर आबकारी मंत्री ने प्रदेश में शराब उद्योग को लेकर भी एक बड़ी योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहली बार शराब उद्योग पर केंद्रित मेगा इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया जा रहा है।
  • यह समिट लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगी, जिसे आबकारी विभाग और इन्वेस्ट यूपी मिलकर करवा रहे हैं।
  • नितिन अग्रवाल, आबकारी मंत्री ने कहा कि इस आयोजन में देश-विदेश की 200 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी और करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश समझौते (MoU) होने की उम्मीद है।

कितना निवेश आया, क्या प्रगति हुई?

  • अब तक 10,888 करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश उत्तर प्रदेश में आ चुका है।
  • कुल 142 निवेश प्रस्तावों में से 135 पर एमओयू साइन हो चुके हैं।
  • इनमें से 46 कंपनियों ने 7,888 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
  • 19 कंपनियां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, जबकि 27 के प्लांट निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
  • कई कंपनियों ने अपने संयंत्रों के विस्तार के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

नई शराब नीति से कितना बढ़ा सरकार का राजस्व?

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल में लागू की नई आबकारी नीति के जरिए शराब उद्योग को और अधिक संगठित व निवेश योग्य बनाने का प्रयास किया है।

कुछ प्रमुख बदलाव

  • प्रदेश में 3,171 शराब की दुकानें बंद की गईं।
  • बीयर की 3,392 दुकानों और विदेशी शराब की 2,799 दुकानों में बढ़ोतरी हुई।
  • 2,791 देसी शराब की दुकानों को बीयर बेचने की अनुमति दी गई।

जहां 2016-17 में आबकारी विभाग का राजस्व 14,000 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह 2024-25 में 52,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश अब देश का अग्रणी राज्य बन चुका है पॉवर अल्कोहल उत्पादन के क्षेत्र में। इसके अलावा, जैव ईंधन नीति के तहत यह क्षेत्र न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती दे रहा है, बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

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