‘चार्टर्ड प्लेन से गुजरात भेज देंगे’, SC-ST एक्ट के खिलाफ अलंकार अग्निहोत्री का दिल्ली कूच का ऐलान
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री इन दिनों अपने तीखे तेवरों और बयानों को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। रविवार शाम काशी के केदारघाट स्थित विद्या मठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया। अग्निहोत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि 6 फरवरी तक SC-ST एक्ट वापस नहीं लिया गया, तो 7 फरवरी से दिल्ली में बड़ा आंदोलन शुरू होगा।
1989 का एक्ट देश का सबसे काला कानून
मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी एक्ट पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा इस कानून के तहत दर्ज होने वाले लगभग 95 प्रतिशत मामले झूठे होते हैं, जिसका इस्तेमाल केवल निर्दोष लोगों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए किया जाता है।
उन्होंने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा, “6 फरवरी आखिरी तारीख है। अगर तब तक यह काला कानून खत्म नहीं हुआ, तो हम सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और उन्हें चार्टर्ड प्लेन में बिठाकर वापस गुजरात भेज दिया जाएगा।”
शंकराचार्य से मुलाकात और भावनात्मक जुड़ाव
अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य से उनकी मुलाकात राजनीतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक थी। उन्होंने कहा कि काशी से उनका गहरा नाता है क्योंकि उन्होंने IIT BHU से शिक्षा प्राप्त की है। प्रयागराज माघ मेले में सनातन संस्कृति के अपमान का विरोध करते हुए पद से इस्तीफा देने के बाद से ही वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
अग्निहोत्री ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार राज्य प्रशासन पर अत्यधिक दबाव बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के फंड को गुजरात भेजने की तैयारी की जा रही है और केंद्र की नीतियां राज्य सरकार को अस्थिर करने वाली हैं।
UGC रेगुलेशन पर भी जताई चिंता
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (UGC) के नए दिशानिर्देशों पर रोक लगा दी है, लेकिन अग्निहोत्री का मानना है कि जाति आधारित भेदभाव को ‘संस्थागत हथियार’ बनाना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरनाक है। उन्होंने आगाह किया कि ऐसी प्रथाओं से समाज में भारी असंतोष और अशांति फैल सकती है।
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