थराली पहुंचे CM धामी के सामने महिलाओं ने किया प्रदर्शन, समय पर राहत न मिलने का आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तराखंड के चमोली जिले की थराली तहसील में शनिवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई। इस प्राकृतिक आपदा में एक युवती की मौत हो गई, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब हालात का जायजा लेने पहुँचे, तो उन्हें स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने राहत कार्यों में देरी को लेकर सीएम की गाड़ी के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
शनिवार, 23 अगस्त की रात लगभग 1:30 बजे थराली के टूनी गदेरा में बादल फटने के बाद अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी बहकर निचले इलाकों में आ गया। चेपडो बाज़ार, कोटदीप बाज़ार और सागवाड़ा गाँव में कई घर, दुकानें और गाड़ियाँ मलबे में दब गईं। एक 21 साल की युवती मलबे में दबकर मर गई। इसके अलावा, करनप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई सड़कें बंद हो गईं।
CM धामी ने किया दौरा, मुआवजे का ऐलान
सीएम धामी ने रविवार को थराली पहुँचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को 5 लाख रुपये का मुआवजा और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों के लिए भी 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।

महिलाओं ने जताया गुस्सा, समय पर नहीं मिली मदद
सीएम के दौरे के दौरान, थराली के चेपडो और सागवाड़ा गाँव की महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि प्रशासन ने समय पर मदद नहीं पहुँचाई, जिसके कारण कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सरकार से तुरंत राहत, भोजन और रहने की अस्थायी व्यवस्था करने की मांग की।
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