Women’s Day 2026: यूपी की वो 7 महिला नेता, जिनकी कार्यशैली और सादगी के कायल हैं लोग
Sandesh Wahak Digital Desk: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष और उनकी सफलताओं के जश्न का दिन है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की राजनीति में अपनी जगह बनाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इन महिला नेताओं ने अपनी गरिमा और कौशल से भारतीय राजनीति में एक नई लकीर खींची है।

मायावती: दलित चेतना का प्रतीक
यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती देश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री बनी। उन्होंने भारतीय राजनीति में बहुजन समाज की भागीदारी को एक नई परिभाषा दी। मायावती के शासनकाल को सख्त प्रशासन और खास तौर पर बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए याद किया जाता है। उन्होंने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाईं।

डिंपल यादव: सादगी और शालीनता की मिसाल
समाजवादी पार्टी की सबसे लोकप्रिय महिला चेहरों में से एक डिंपल यादव की पहचान उनकी बेहद सौम्य और शालीन छवि है। कन्नौज से लेकर मैनपुरी तक उन्होंने अपना राजनीतिक लोहा मनवाया है। दो बार सांसद रहीं डिंपल, अखिलेश यादव की पत्नी होने के साथ-साथ पार्टी की एक स्वतंत्र और मजबूत स्तंभ के रूप में उभरी हैं।

अपर्णा यादव: अपनी राह खुद चुनने वाली नेता
मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। साल 2022 के चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामकर सबको चौंका दिया था। प्रखर वक्ता और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से राय रखने वाली अपर्णा अक्सर अपने परिवार से अलग राजनीतिक विचारधारा के लिए चर्चा में रहती हैं।

इकरा हसन: लंदन की पढ़ाई और कैराना का प्यार
कैराना की सांसद इकरा हसन 2024 के लोकसभा चुनाव की सबसे चर्चित युवा चेहरों में से एक रहीं। लंदन की SOAS यूनिवर्सिटी से शिक्षित इकरा ने बहुत ही कम समय में अपनी सूझबूझ और जमीनी पकड़ से जनता का दिल जीत लिया। एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आने वाली इकरा आज संसद की सबसे युवा और प्रभावशाली मुस्लिम महिला सांसदों में गिनी जाती हैं।

प्रिया सरोज: संसद की सबसे युवा आवाज
महज 25 साल की उम्र में मछलीशहर सीट से सांसद बनकर प्रिया सरोज ने इतिहास रच दिया। तीन बार के सांसद तूफानी सरोज की बेटी प्रिया ने अपनी युवा ऊर्जा और सादगी से मतदाताओं को प्रभावित किया। वे आज देश की उन चुनिंदा महिलाओं में शामिल हैं जो इतनी कम उम्र में संसद तक पहुंची हैं।

डॉ. रागिनी सोनकर: डॉक्टर से विधायक तक का सफर
जौनपुर की मछलीशहर सीट से सपा विधायक रागिनी सोनकर शिक्षा और समर्पण का बेहतरीन उदाहरण हैं। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज से MBBS और एम्स (AIIMS) दिल्ली से नेत्र रोग विशेषज्ञ रागिनी ने डॉक्टरी छोड़ राजनीति को समाज सेवा का जरिया बनाया। उनकी कार्यशैली और शिक्षित व्यक्तित्व युवाओं को प्रेरित करता है।

पल्लवी पटेल: ‘जायंट किलर’ की पहचान
अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को उनके ही गढ़ सिराथू में हराकर ‘जायंट किलर’ का तमगा हासिल किया। अनुप्रिया पटेल की बहन होने के बावजूद उन्होंने अपनी स्वतंत्र राजनीति चुनी और आज वह पूर्वांचल की एक बड़ी ताकत मानी जाती हैं।
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