विश्व स्तनपान सप्ताह 2025: SGPGI में हुआ विशेष कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने बताए फायदे
Sandesh Wahak Digital Desk: संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) ने विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माताओं और शिशुओं के लिए स्तनपान के अनगिनत लाभों पर चर्चा की। इस वर्ष का थीम “स्तनपान को प्राथमिकता दें: स्थायी सहायता प्रणालियां बनाएं” रखा गया था।
- स्तनपान के फायदे: सिर्फ पोषण नहीं, बल्कि जीवनभर की सुरक्षा
- प्राकृतिक टीका: स्तनपान करने वाले बच्चों को दस्त, निमोनिया और संक्रमण का खतरा कम होता है।
- दीर्घकालिक लाभ: मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और एलर्जी का जोखिम घटता है।
- दिमागी विकास: बेहतर आईक्यू और न्यूरोडेवलपमेंटल स्कोर से जुड़ा हुआ।
- भावनात्मक जुड़ाव: त्वचा से त्वचा का संपर्क मां-बच्चे के रिश्ते को मजबूत करता है।
माताओं के लिए:
प्रसव के बाद जल्दी रिकवरी: गर्भाशय का सिकुड़ना और ब्लीडिंग कम होती है।
वजन घटाने में मदद: प्राकृतिक रूप से कैलोरी बर्न होती है।
कैंसर का खतरा कम: स्तन और ओवरी कैंसर की संभावना घटती है।
सुविधाजनक और सस्ता: बिना किसी तैयारी के हमेशा उपलब्ध।
SGPGI में हुई विशेष चर्चा
निदेशक डॉ. आर.के. धीमन की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में नवजात विशेषज्ञों, बाल रोग डॉक्टरों, नर्सों और स्तनपान सलाहकारों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान न सिर्फ बच्चे बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। समाज और परिवार को माताओं को स्तनपान के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। फॉर्मूला दूध की तुलना में मां का दूध हमेशा बेहतर विकल्प है।
क्यों मनाया जाता है विश्व स्तनपान सप्ताह?
हर साल 1 से 7 अगस्त तक यह सप्ताह मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य है कि स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना। माताओं को सही जानकारी और सहयोग देना। स्वास्थ्य नीतियों में स्तनपान को प्राथमिकता दिलाना।
विशेषज्ञों की सलाह
- जन्म के पहले घंटे में ही स्तनपान शुरू कर देना चाहिए।
- 6 महीने तक केवल स्तनपान ही देना चाहिए, उसके बाद ऊपरी आहार के साथ जारी रखें।
- परिवार और समुदाय को माताओं का सहयोग करना चाहिए।
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