World Kidney Day: 13 मार्च 2025 को मनाया जाएगा वर्ल्ड किडनी डे, किडनी फेल्योर के प्रति जागरूकता जरूरी
Sandesh Wahak Digital Desk: 13 मार्च 2025 को दुनियाभर में वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाएगा। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना और इसके रोकथाम के उपायों पर जोर देना है। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी फेल्योर के लक्षण तब तक सामने नहीं आते जब तक बीमारी गंभीर स्तर पर नहीं पहुंच जाती, जिससे इलाज के सीमित विकल्प ही बचते हैं। ऐसे में केवल डायलिसिस और ट्रांसप्लांट जैसे महंगे इलाज ही विकल्प रह जाते हैं।
किडनी फेल्योर की गंभीरता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी फेल्योर एक “साइलेंट किलर” के रूप में उभर रहा है। इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान न होने के कारण मरीज की स्थिति बिगड़ जाती है और जब तक स्थिति स्पष्ट होती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

होम्योपैथी से मिल रही राहत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी की बीमारियों से बचाव और नियंत्रण के लिए होम्योपैथी एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। शोधों से पता चला है कि लगभग 80% मामलों में किडनी की बीमारी को होम्योपैथी के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। सही समय पर लक्षणों की पहचान और इलाज से किडनी फेल्योर के जोखिम को कम किया जा सकता है।
बचाव के उपाय
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
- हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रित करें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- ज्यादा नमक और वसायुक्त आहार से बचें
- धूम्रपान और शराब से परहेज करें
समाज में जागरूकता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि किडनी फेल्योर के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। समय रहते लक्षणों को पहचानकर और उचित इलाज से इस बीमारी को रोका जा सकता है। वर्ल्ड किडनी डे पर जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को इस बीमारी के प्रति सतर्क किया जाएगा।
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