योगी कैबिनेट में 30 प्रस्तावों पर लगी मुहर, यूपी के 15 लाख शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को मिलेगा 5 लाख रुपये का मुफ्त इलाज
Lucknow News: लोकभवन में गुरुवार को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में योगी सरकार ने ‘पिटारा’ खोल दिया है। करीब दो घंटे चली इस बैठक में कुल 30 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें सबसे ऐतिहासिक फैसला शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। अब सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को इलाज के लिए अपनी जमा-पूंजी खर्च नहीं करनी होगी।
सरकार ने इस योजना का दायरा काफी व्यापक रखा है। इसका लाभ केवल पक्के शिक्षकों को ही नहीं, बल्कि शिक्षा की नींव मजबूत करने वाले हर हाथ को मिलेगा।
बेसिक शिक्षा: परिषद के स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक और कस्तूरबा गांधी विद्यालय का स्टाफ।
माध्यमिक शिक्षा: अशासकीय सहायता प्राप्त (डेड) और स्ववित्तपोषित स्कूलों के शिक्षक व कर्मचारी।
पीएम पोषण: स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाले रसोइयों को भी सपरिवार इस सुविधा से जोड़ा गया है।
इस फैसले से बेसिक शिक्षा के लगभग 12 लाख और माध्यमिक शिक्षा के करीब 3 लाख परिवारों को 5 लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त इलाज मिल सकेगा।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों पर भी मुहर लगा दी है। 9 फरवरी से सत्र शुरू होगा और 11 फरवरी को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। इसके अलावा, सीएम फेलो के रूप में काम कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है, उन्हें सरकारी भर्तियों में 3 साल की आयु सीमा में छूट और अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक (वेटेज) दिए जाएंगे।
शहरों के विकास के लिए खुले पैसे
बैठक में जिलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।
बरेली और मुरादाबाद: यहाँ बच्चों के लिए विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला (Planetarium) बनाए जाएंगे।
वाराणसी और गोरखपुर: सीवरेज सिस्टम को सुधारने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लखनऊ-हरदोई बॉर्डर: यहाँ बनने वाले टेक्सटाइल पार्क में पानी की सप्लाई के लिए 458 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
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