यूपी में नारी शक्ति को ‘नई उड़ान’, मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर योगी सरकार का जोर
Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत नारी सशक्तिकरण का एक व्यापक मॉडल स्थापित किया गया है। सरकार का जोर प्रदेश की आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री का संदेश है कि “नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है।”
सुरक्षा का अभूतपूर्व कवच
‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान, जो 24 दिसंबर तक चलेगा, के अंतर्गत हर विभाग प्रतिदिन जागरूकता अभियान चला रहा है और ‘सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार’ का उद्घोष गूंज रहा है।
प्रदेश के 1647 थानों में हेल्प डेस्क सक्रिय की गई है। व्यापक महिला बीट प्रणाली और एंटी रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा रहा है। पिंक पेट्रोल की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, 1090 (महिला हेल्पलाइन), साइबर मॉनिटरिंग सेल और डिजिटल ट्रैकिंग का उपयोग स्टॉकिंग और फर्जी अकाउंट्स पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए किया जा रहा है। कॉलेजों में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप भी आयोजित हो रही हैं। महिला अपराधों में त्वरित जांच से पूर्ण न्याय सुनिश्चित किया जा रहा है, और अभूतपूर्व निस्तारण दर के साथ कठोर सजाएं दी जा रही हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण की क्रांति
मिशन शक्ति केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में भी क्रांति ला रहा है। ग्राम पंचायतों में बीसी सखी (बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी), स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं, जिससे ‘आत्मनिर्भर दीदी समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और निराश्रित महिला पेंशन जैसी योजनाएं बेटियों और महिलाओं को नई दिशा दे रही हैं।
उज्ज्वला और स्वामित्व योजना ने सशक्तिकरण को घर-घर तक पहुंचाया है, जबकि पोषण अभियान और रानी लक्ष्मीबाई कोष मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत कर रहे हैं। मिशन शक्ति 5.0 का लक्ष्य ‘सशक्त नारी से समृद्ध प्रदेश’ का निर्माण करना है।
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