योगी सरकार का बड़ा फैसला, यूपी में ‘फंसी’ संपत्तियों का रास्ता साफ, OTS योजना लागू
विकास प्राधिकरणों के डिफॉल्टरों के लिए 'गोल्डन चांस': अब बिना एक्स्ट्रा चार्ज मिलेगा मकान का कब्जा, जानें क्या है पूरी स्कीम और कैसे करें आवेदन
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने घर और जमीन का सपना देख रहे हजारों आवंटियों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश के विकास प्राधिकरणों (जैसे LDA, KDA, GDA आदि) में फंसी संपत्तियों के लिए ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (OTS) को हरी झंडी दे दी गई है। अब आवंटी बिना किसी भारी दंड ब्याज (Penalty Interest) के अपनी संपत्तियों पर कब्जा पा सकेंगे।
दंड ब्याज खत्म, सिर्फ साधारण ब्याज पर काम
प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद द्वारा जारी शासनादेश के मुताबिक, अब डिफॉल्टर आवंटियों से केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा। किसी भी प्रकार का पेनाल्टी इंटरेस्ट नहीं वसूला जाएगा।
किसे मिलेगा लाभ: नक्शा स्वीकृत होने के बाद 90 दिनों तक पैसा न जमा करने वालों को भी इसमें शामिल किया गया है।
बकाया समायोजन: पूर्व में जमा की गई धनराशि को बकाया मूलधन में एडजस्ट किया जाएगा, हालांकि अतिरिक्त जमा राशि वापस नहीं होगी।
कितनी लगेगी फीस?
योजना का लाभ लेने के लिए एक निश्चित प्रोसेसिंग फीस और शुल्क तय किया गया है।
EWS: ₹100 फीस और ₹5000 शुल्क।
LIG: ₹500 फीस और ₹10,000 शुल्क।
आवासीय/व्यावसायिक दुकानें: ₹2100 फीस और ₹50,000 शुल्क।
ग्रुप हाउसिंग/संस्थागत: ₹11,000 फीस और ₹5 लाख शुल्क।
मानचित्र डिफॉल्टर: ₹5000 फीस और ₹2 लाख शुल्क।
आवेदन की समय सीमा और प्रक्रिया
सरकार ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश दिए हैं। अगले एक महीने तक विभाग ई-मेल, एसएमएस और पत्रों के जरिए डिफॉल्टरों को सूचित करेगा। आवेदन पत्र केवल 3 माह तक स्वीकार किए जाएंगे (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प)। आवेदन मिलने के 3 महीने के भीतर मामले का निपटारा करना अनिवार्य होगा। ₹50 लाख तक की बकाया राशि 3 किस्तों (3 माह) में और ₹50 लाख से अधिक की राशि 6 माह में जमा की जा सकेगी।
चेतावनी: आवेदन न करने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने साफ कर दिया है कि जो आवंटी इस OTS योजना का लाभ नहीं उठाएंगे, उनके खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। समय सीमा बीतने के बाद राहत का कोई मौका नहीं मिलेगा।
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