कौशाम्बी में योगी सरकार की सख्ती: पूर्व विधायक और तीन पूर्व चेयरमैन समेत 7 पर केस, जानिए पूरा मामला
कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद कौशाम्बी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पूर्व चेयरमैन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इन सभी पर राजनीतिक दबाव बनाकर एक विधवा महिला के मकान पर फर्जी कागजातों के आधार पर कब्जा करने का आरोप है। कोखराज थाना पुलिस ने भरवारी कस्बे की रहने वाली पीड़िता राजदुलारी की शिकायत पर यह कदम उठाया है।
सीएम जनता दर्शन से मिली शिकायत
भरवारी की राजदुलारी ने मुख्यमंत्री जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई थी।
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पीड़िता का आरोप: राजदुलारी ने बताया कि पति उमाशंकर की मृत्यु के बाद उनके तीन मंजिला मकान पर कब्जा करने के लिए विपक्षी पक्ष ने फर्जी कागजात बनवाए।
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फर्जीवाड़ा: आरोप है कि उमाशंकर की मृत्यु तीस साल पहले की दिखाकर फर्जी कागजातों के आधार पर खसरा रजिस्टर में मकान पर अपना नाम दर्ज करा लिया गया। विरोध करने पर महिला और उसके बच्चों के साथ मारपीट भी की गई।
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भ्रष्टाचार: महिला का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते नगर पालिका के अधिकारियों ने भी उसकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की और RTI का जवाब तक नहीं दिया।
नामजद आरोपी और कानूनी धाराएं
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस ने जिन प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें ये शामिल हैं।
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बीजेपी पूर्व विधायक: संजय गुप्ता ‘चायल’
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पूर्व चेयरमैन: कैलाश चंद्र केसरवानी और उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी
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अन्य आरोपी: दिलीप, अजय, विजय और संजय।
इन सभी के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न गंभीर धाराओं, जिनमें $318(4)$ (धोखाधड़ी), $337$ (उपद्रव), $340(2)$ (जबरन कब्जा) सहित अन्य संबंधित धाराएं शामिल हैं, के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच में जुट गई है।
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